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रेहड़ी-खोमचे वालों को स्थायी स्थान देने की तैयारी
Mon, 30 Dec 2019 07:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 30 Dec 2019 07:04 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने अपने 104 वार्डों से रेहड़ी और खोमचों के अतिक्रमण को हटाने और राजस्व बढ़ाने के लिए योजना तैयार की है।
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इसके तहत निगम अवैध रूप से रेहड़ी और खोमचे लगाने वाले लोगों को पार्किंग एरिया और खाली पड़ी अन्य संस्थाओं की जमीन पर फूड हब्स बनाकर इन कामगारों को स्थायी स्थान देकर लाइसेंस फीस वसूलेगा।
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वर्तमान में दक्षिणी दिल्ली के लगभग सभी इलाकों में रेहड़ी, खोमचों अन्य सामान बेचने वाले अस्थायी कामगारों के कारण सड़कों, सर्विस लेन और फुटपाथों पर अतिक्रमण की स्थिति के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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एसडीएमसी ने लोगों को इस परेशानी से निजात दिलाने के साथ ही निगम की कमाई बढ़ाने की योजना पर काम शुरू किया है। इस योजना को लेकर हाल में निगम की विशेष सदन की बैठक में प्रस्ताव रखा गया है।
इसमें कहा गया है कि निगम व अन्य संस्थाओं की उपलब्ध जमीनों एवं पार्किंग लॉट्स में फूड हब्स बनाने के साथ ही ईकार्ट, फूड ट्रक एवं बस के जरिए खानपान का सामान बेचने के लिए रेहड़ी और खोमचे वालों को रोजगार के विकल्प दिए जाएं।
पार्किंग लॉट्स में फूड कोर्ट बनाकर यहां शिफ्ट किए जाने वाले व्यावसायियों से निगम लाइसेंस फीस के रूप में राजस्व प्राप्त करेगा और साथ ही इलाकों से अतिक्रमण को भी हटाया जा सकेगा। एसडीएमसी के चारों जोन में इस योजना को शुरू किया जा सकता है।
गौरतलब है कि दिल्ली में जगह-जगह हो रहे अतिक्रमण को लेकर सरकार को लगातार लताड़ पड़ती रही है। दिल्ली में अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त तेवर अपनाए हुए हैं।
पिछले दिनों शीर्ष अदालत ने निगम के अतिक्रमण हटाने के लिए समय भी दिया था लेकिन उस पर कोई संतोषजनक कम नहीं हुआ है। अदालत की मोहलत खत्म होने के चार महीने बाद भी दिल्ली से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है।