फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Prashant bhushan's letter leaks

प्रशांत भूषण का पत्र हुआ लीक, खुले कई राज

Mon, 02 Mar 2015 12:59 PM IST
Updated Mon, 02 Mar 2015 12:59 PM IST
विज्ञापन
Prashant bhushan's letter leaks

आम आदमी पार्टी के संस्थापकों में से एक प्रशांत भूषण ने पार्टी को एक पत्र लिखा है जो लीक हो गया है। इस चिट्ठी में प्रशांत भूषण ने पार्टी में चल रही गड़बड़ियों की शिकायत की है।

विज्ञापन


यह पत्र प्रशांत ने 26 फरवरी को लिखा था। इस पत्र में लिखा है कि पार्टी ने कहा था कि हम अपने सभी अकाउंट जनता के लिए अपनी वेबसाइट पर लगाएंगे। लेकिन पार्टी को आरटीआई के अंदर लाना तो दूर की बात है हमने अपने खाते तक वेबसाइट पर नहीं डाले।
विज्ञापन


शांति भूषण ने पार्टी की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इस पत्र में लिखा है कि हमने अपने डोनेशन की जानकारी तो वेबसाइट पर डाल दी है पर अपने खर्चों की जानकारी अब तक नहीं डाली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रशांत भूषण ने बताईं पार्टी की क‌मियां

Prashant bhushan's letter leaks

26 फरवरी को लिखे गए अपने पत्र में प्रशांत भूषण ने लिखा है कि हमने दो साल पहले 30 से भी अधिक विशेषज्ञों वाली एक कमिटी बनाई थी जिसे पार्टी की नीतियों पर काम करना था।

भूषण ने आगे लिखा है कि कमिटी ने अपनी रिपोर्ट 18 महीने पहले ही दे दी थी। लेकिन उन्हें हम आज तक लागू नहीं कर पाए हैं क्योंकि हम में से कुछ के पास समय समय नहीं था।

भूषण ने पार्टी के भविष्य पर अपना नजरिया साफ करते हुए लिखा है कि 'आप' जो एक राष्ट्रीय पार्टी होने का सपना रखती है उसके लिए यह जरूरी है कि पार्टी देश के महत्वपूर्ण नितिगत विषयों पर अपनी राय बनाए।

'पीएसी की बैठक में नहीं बुलाए जाते सभी सदस्य'

Prashant bhushan's letter leaks

भूषण ने पार्टी के कार्यकलाप पर प्रश्न करते हुए कहते हैं कि हमने अपने निर्णय लेने के सिस्टम को अब तक इतना सुदृढ़ नहीं बनाया है कि वो ये निर्धारित कर सके कि पार्टी को मिले फंड को कैसे खर्च करना है।

पार्टी को व्यापक दृष्टिकोण देने के लिए यह जरूरी है कि हम ये सभी फैसले व्यवस्थित और लोकतंत्रीय प्रणाली के आधार पर करें।

प्रशांत ने ये भी लिखा है कि संविधान के अनुसार पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और पब्लिक अकाउंट्स कमिटी(पीएसी) की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए लेकिन पार्टी में ऐसा नहीं होता।

प्रशांत ने इस चिट्ठी में ये शिकायत भी की है कि पीएसी की जितनी बैठकें होती हैं उनमें कई सदस्यों को तो बुलाया भी नहीं जाता।

'कहीं 'एक आदमी' की पार्टी न बनकर रह जाए आप'

Prashant bhushan's letter leaks

उन्होंने पार्टी की नींव किस तरह पड़ी थी इसकी याद दिलाते हुए लिखा है कि हमारी पार्टी सिद्धांतों और हजारों वॉलेंटियरों के खून पसीने से बनी है।

इन हजारों कार्यकर्ताओं ने बहुत त्याग और बलिदान करके पार्टी को एक अलग पार्टी बनाने की कोशिश की है। हम सब उनकी प्रतिबद्धता से जुड़े हैं। प्रशांत ने आगे लिखा है कि इसलिए हमें उनका सम्मान करते हुए यह ध्यान रखना चा‌हिए ‌कि आप कहीं 'एक आदमी' वाली पार्टी न बनकर रह जाए।

इस पूरे पत्र पर जब प्रशांत से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरा पत्र पार्टी पार्टी में ढांचागत सुधार के लिए लिखा गया है। इसे किसी तरह के विद्रोह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed