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दिल्ली में कोरोना पीड़ितों के घर पर लगाए गए पोस्टर, लिखा- इस घर से दूर रहें...

Mon, 23 Mar 2020 05:42 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 23 Mar 2020 05:42 AM IST
सार

-लगातार बढ़ रहे कोरोना को लेकर दिल्ली सरकार का बड़ा कदम
-दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन ने घरों के बाहर लगाए बोर्ड
-बोर्ड पर परिवार के सदस्यों की संख्या तक लिख रहा प्रशासन

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Posters outside Corona victims home in Delhi
कोरोना पीड़ितों के घर पर लगाए गए पोस्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस घर से कृपया दूर रहें। यहां के सभी लोग कोविड-19 के कारण क्वारंटीन (एकांतवास) हैं। अगले 15 दिन तक ये न किसी से मिल सकेंगे और न ही इनसे कोई मिलेगा। ये सभी कोरोना संदिग्ध हैं। घर से दूर रहने में ही भलाई है। ये चेतावनी दिल्ली के हर उस घर के बाहर लिखी जा रही है जिसमें कोरोना संदिग्ध इन दिनों क्वारंटीन पर हैं। 

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तीन दिन के भीतर दिल्ली में 50 फीसदी बढ़े कोरोना वायरस को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने यह कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन की मदद से हर घर के बाहर यह बोर्ड लगाया जा रहा है, ताकि कोरोना संदिग्धों को समाज से अलग रखा जा सके। इनके संपर्क दायरे को रोका जा सके। कोरोना वायरस को लेकर सरकार लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में ये देखने को मिला है कि मरीज अस्पताल से भाग गए। संदिग्धों के संपर्क में आने से सैकड़ों लोगों पर संक्रमण के बादल मंडराने लगे हैं। दिलशाद गार्डन का एल ब्लॉक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। वहां एक कोरोना ग्रस्त महिला ने 70 से ज्यादा लोगों से संपर्क किया, जो सभी इस वक्त क्वारंटीन हैं। 
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रविवार को उत्तर पश्चिम दिल्ली के कई इलाकों खासतौर पर अशोक विहार में घरों के बाहर बोर्ड लगाए हैं। बोर्ड पर घर के मालिक का नाम है। क्वारंटीन रहने का समय कब से कब तक लिखा है। साथ ही बोर्ड पर ये भी लिखा है कि इस परिवार में कितने लोग क्वारंटीन पर हैं। 
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सामाजिक भ्रांतियों के शिकार हो सकते हैं ये परिवार

डॉक्टरों का कहना है कि भले ही दिल्ली सरकार ने एहतियात के तौर पर ऐसा किया है, लेकिन आगे चलकर ये लोग सामाजिक भ्रांतियों के शिकार हो सकते हैं। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक पांड्या बताते हैं कि कोरोना वायरस को लेकर वैसे ही लोगों में अफवाहों का दौर चल रहा है। ऐसे में संदिग्धों के घर पर बोर्ड लगाने का मतलब है कि बाद में इन लोगों को कहीं अलग-थलग न कर दिया जाए। एम्स के डॉ. मनोज बताते हैं, जरूरी है कि सरकार को बोर्ड लगाने के अलावा ये भी जागरूकता करनी चाहिए कि क्वारंटीन के बाद ये लोग सुरक्षित हैं। इनसे घबराएं नहीं। 

दिल्ली में 5 हजार घर क्वारंटीन में
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 18 से 21 मार्च के बीच दिल्ली में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। अब तक करीब 11 हजार दिल्लीवासियों को क्वारंटीन किया जा चुका है। करीब 5 हजार घर क्वारंटीन हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह तक ये सभी लोग होम क्वारंटीन पर रहेंगे। 

घबराने की नहीं है जरूरत : स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सर्विलांस टीम ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए घरों के बाहर ये बोर्ड लगाएं हैं। इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। हमारा सिर्फ यही उद्देश्य है कि कोरोना संदिग्ध लोगों से बाकी अलग रहें, ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके।

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