अगर आप देखते हैं पोर्न तो बढ़ेगी आपकी मुसीबत
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गुड़गांव के नामी इंटरनेशनल स्कूल में नौ साल से कम उम्र के बच्चों के एक ग्रुप को स्कूल एसेंबली के दौरान टॉयलेट में पकड़ा गया। असल में उसी दौरान एक टीचर टॉयलेट से गुजर रही थीं और उन्हें टॉयलेट में बच्चों की आवाज सुनाई दी।
यह इंटरनेरश्ानल स्कूल अपनी विशेषता के नाम पर यह प्रचारित करता है कि ये इंटरनेट वाई-फाई युक्त देश का पहला स्कूल है। लेकिन जब यह वाक्या सामने आया तो स्कूल को अपनी इसी विशेषता के कारण शर्मिंदा होना पड़ा।
असल में टॉयलेट में पकड़े गए नौ साल और उससे भी कम उम्र के बच्चे बाथरूम में एक टैबलेट पर पोर्न साइट देखते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे। लेकिन इस एक घटना से आप समस्या की गंभीरता का पूरा अंदाजा नहीं लगा सकते। असल में यह समस्या इससे कहीं ज्यादा गंभीर है।
ये होगा पोर्न देखने का नतीजा
इसका अंदाजा दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य और व्यावहारिक विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ. समीर पारिख के इस बयान से लगाया जा सकता है जिसमें वह कहते हैं कि अत्यधिक पोर्न देखने की आदत केवल नाबालिगों में ही नहीं शादीशुदा जिंदगी के लिए भी परेशानी खड़ी कर रहा है।
डॉक्टर समीर बताते हैं कि दिल्ली का एक जोड़ा उनके पास आया जिनकी शादीशुदा जिंदगी अच्छी नहीं चल रही थी। उन्हें पता चला कि रोहित (बदला हुआ नाम) को शादी के पहले से ही रोजाना तीन से सात घंटे पोर्न फिल्म देखने की आदत थी।
उसे लगा था कि शादी के बाद सब ठीक हो जाएगा लेकिन कुछ दिनों बाद ही दोनों के बीच दूरी बढ़ने लगी क्योंकि पंकज पत्नी से दूर अकेले में पोर्न फिल्म देख्ा कर अपना वक्त बिताता था।
सेक्स को लेकर अज्ञानता
एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी देशों में वयस्क युवक ऑनलाइन पोर्न देखने के बुरे प्रभाव को महसूस कर रहे हैं। लेकिन अब भारत पर भी इसका खतरा मंडरा रहा है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि सेक्स एक ऐसा रहस्य है, जिसे लेकर किशोरों में उत्सुकता रहती है। इंटरनेट के चलते नई पीढ़ी तक पोर्न की पहुंच बहुत आसान हो गई है। जो समस्या को समझने की जगह उसे बढ़ाने में मदद कर रही है।
डाक्टरों का कहना है कि एक शिक्षित महिला तथा पुरुष पोर्न को न सिर्फ दैहिक सुख का माध्यम समझते हैं बल्कि इसके बहाने साथ रहने के एहसास को बढ़ाने की कोशिश करते हैं। जबकि किशोर और नवयुवक इसे केवल मजे या मनोरंजन के तौर पर लेते हैं।
आसानी से उपलब्ध ऑनलाइन पोर्न युवाओं में खतरनाक यौन व्यवहार का कारण्ा भी बन रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो पोर्न देखने की आदत किसी के व्यक्तित्व पर निर्भर करती है। डाक्टर की मानें तो पोर्न देखने के आदि वो लोग होते हैं जिनका खुद पर नियंत्रण नहीं होता या उनकी यौन जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं।
विशेषज्ञों की सलाह है कि जैसे ही कोई युवक इस स्थिति में स्वयं को पाएं उन्हें तुरंत ही डाक्टर के पास जाना चाहिए क्योंकि किसी भी अन्य बिमारी की तरह इसका भी इलाज संभव है।