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दिल्ली-एनसीआर: दो हफ्तों से हवा में कोई सुधार नहीं, खतरनाक स्तर की ओर प्रदूषण

Sun, 09 Dec 2018 09:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 09 Dec 2018 09:21 AM IST
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Pollution Level in Delhi have reached alarming levels
दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत खराब स्तर पर स्थिर है। वहीं, प्रमुख प्रदूषण कण पर्टिकुलेट मैटर आपात स्तर की ओर हैं। हवा न मिलने के कारण सतह से कुछ ही ऊंचाई पर प्रदूषण कण जमे हुए हैं। इस पूरे सप्ताह एक भी दिन हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सका। प्रदूषण की रोकथाम करने वाली एजेंसियों ने कई आदेश जारी किए, लेकिन इसका भी असर नहीं दिखाई दिया। पूरे दो हफ्तों से दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता एक जैसी है।
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शनिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब रहा।  वहीं यूपी के नोएडा, ग्रेटर नोएडा में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में ही बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक इसमें राहत की उम्मीद नहीं है। शनिवार को तो गाजियाबाद और गुरुग्राम का एक्यूआई नहीं जारी किया जा सका। गाजियाबाद में लगातार चार दिन से हवा की गुणवत्ता गंभीर स्थिति में बनी हुई थी।
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सीपीसीबी की ओर से बृहस्पतिवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई 349 जबकि यूपी में बुलंदशहर का एक्यूआई 347 वहीं, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 361, नोएडा का एक्यूआई स्तर 379 रहा। जबकि फरीदाबाद का एक्यूआई स्तर 357 रहा। 301 से 400 का एक्यूआई स्तर बहुत खराब वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है।  
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आपात स्तर की ओर पीएम कण 

दिल्ली-एनसीआर की हवा में पर्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 की मौजूदगी आपात स्तर के करीब पहुंच रही है। शनिवार रात आठ बजे पीएम 2.5 का स्तर जहां 213 रहा वहीं पीएम 10 का स्तर 355 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 10 हवा में मौजूद मोटे प्रदूषण कण हैं जबकि पीएम 2.5 बेहद महीन और आंखों से न दिखने वाले प्रदूषण कण हैं। पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 और पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। दोनों कण अपने सामान्य मानक से करीब चार गुना तक ज्यादा हैं। 

हेल्थ एडवाइजरी  
सीपीसीबी की हेल्थ एडवाइजरी में लगातार चेताया जा रहा है कि बहुत खराब गुणवत्ता के प्रभाव में रहने पर न सिर्फ श्वास रोग संबंधी मरीजों को बल्कि आम लोगों को भी परेशानी हो सकती है। इसलिए बाहर निकलने से बचें और यदि जरूरी हो तो मास्क जरूर पहनें।
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