Delhi Pollution: नहीं मिली साफ सांस तो भागा दूल्हा, NRI ने बदला मंडप; कहा- तस्वीर में धुंध नहीं, मुस्कान चाहिए
दिल्ली के वेडिंग प्लानर्स के मुताबिक, इस सीजन में कई एनआरआई कपल्स ने राजधानी की जगह क्लीन-एयर डेस्टिनेशन चुनी है। विवाह लक्जरी वेडिंग्स से मोहसिन खान बताते हैं कि अगले दो महीनों में होने वाली चार बड़ी शादियों का वेन्यू दिल्ली से बाहर फाइनल किया गया है।
विस्तार
दिल्ली की हवा में अब रोमांस नहीं, धूल है। इसलिए मोहब्बत से ज्यादा मास्क जरूरी हो गया है। जहां, पहले दिल्ली की हवाओं में बैंड-बाजे की गूंज होती थी। अब वहीं प्रदूषण का शोर सुनाई दे रहा है। राजधानी की धुंध इस बार सिर्फ आसमान नहीं ढक रही, शादी की तस्वीरें भी धुंधला रही हैं। खराब आबोहवा का असर आसमान के साथ ही वेडिंग वेन्यू पर भी दिख रहा है। जहरीली हवा और गिरते एयर क्वालिटी इंडेक्स की वजह से शादियों की परफेक्ट लोकेशन माने जाने वाली दिल्ली, अब दूल्हा दुल्हन के लिए खतरे की घंटी बन गई है। एनआरआई और हाई-प्रोफाइल परिवार अब फाइव-स्टार लॉन की जगह जिम कॉर्बेट, ऋषिकेश या गोवा के खुले आसमान के नीचे फेरे लेने को ज्यादा मुफीद मान रहे हैं। वजह भी साफ है, तस्वीरों में धुंध नहीं, मुस्कान चाहिए।
अब दिल्ली नहीं, ‘डेस्टिनेशन’ है पहली पसंद
दिल्ली के वेडिंग प्लानर्स के मुताबिक, इस सीजन में कई एनआरआई कपल्स ने राजधानी की जगह क्लीन-एयर डेस्टिनेशन चुनी है। विवाह लक्जरी वेडिंग्स से मोहसिन खान बताते हैं कि अगले दो महीनों में होने वाली चार बड़ी शादियों का वेन्यू दिल्ली से बाहर फाइनल किया गया है। कपल्स ने जिम कॉर्बेट, ऋषिकेश, पुष्कर और रणथंभौर जैसी जगहें चुनी हैं। वजह है दिल्ली की प्रदूषित हवा, मेहमानों की सेहत और शादी की फोटोग्राफी की चिंता।
कपल्स की जुबानी
हम नहीं चाहते थे कि मास्क पहनकर जयमाला हो
पुष्कर में होगी अनुज और प्रिया की शादी
हमारी शादी अगले महीने है। दिल्ली में जब प्री-वेडिंग शूट करवाया तो धुंध ने पूरा मूड खराब कर दिया। तभी तय किया कि अब शादी वहीं करेंगे जहां आसमान साफ हो। पुष्कर की शांति और रंगीन झीलें हमें परफेक्ट लगीं।
हमने पिछले साल दिल्ली का वेन्यू बुक किया था, लेकिन इस बार एयर क्वालिटी देख कर फैसला बदलना पड़ा। कॉर्बेट की हरियाली में सात फेरे लेना ज्यादा सुकून देगा।
ऋषिकेश में होगी राहुल और नीतू की शादी
हम दोनों प्रकृति के करीब रहना पसंद करते हैं। जब डॉक्टर ने बताया कि दिल्ली की हवा में रहना बुजुर्ग मेहमानों के लिए मुश्किल होगा, तो हमने तुरंत ऋषिकेश को चुना। वहां की खुली हवा और गंगा किनारे का माहौल हमें सही लगा।
दिल्ली के वेन्यू देखने गए थे, लेकिन शाम तक आंखों में जलन और सिर दर्द होने लगा। हमने उसी दिन डिसाइड किया कि शादी वहीं होगी जहां हवा में हल्कापन हो। रणथंभौर इसके लिए एकदम फिट लगा।
'क्लीन वेडिंग' बना नया ट्रेंड
वेडिंग इंडस्ट्री के लोगों का कहना है कि अब क्लीन वेडिंग नया ट्रेंड बन रहा है। पहले शादी का बजट डेकोरेशन और गेस्ट लिस्ट पर तय होता था, अब एयर क्वालिटी और लोकेशन की विजिबिलिटी भी फैक्टर बन गई है। फोटोग्राफर और इवेंट डिजाइनर दोनों कह रहे हैं दिल्ली में स्मॉग, शादी की तस्वीरों का रोमांस छीन लेता है। करीब 15 साल से इस क्षेत्र में काम कर रहे खान ने बताया कि लोग इस सीजन साफ हवा के लिए 20 हजार से 40 हजार रुपये तक ज्यादा खर्च करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि एक एयर प्यूरीफायर का किराया ब्रांड और मॉडल के अनुसार तीन से चार रुपये तक होता है।
खान के अनुसार, सबसे ज्यादा मांग उन परिवारों से आ रही है जो विदेशों से आए मेहमानों की मेजबानी कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि वह सौ से कम एक्यूआई के आदी होते हैं और जब दिल्ली आकर 400 का स्तर देखते हैं तो तुरंत प्यूरीफायर की मांग करते हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में शादी कराने वाले परिवार अब मेहमानों की सांसें साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का इंतजाम कर रहे हैं। कहीं रंगों से मिलते-जुलते मास्क तैयार किए जा रहे हैं, तो कहीं शादी के बजट में प्यूरीफायर का खर्च भी जोड़ लिया गया है।
दिल्ली की हवा में अब रोमांस नहीं, धूल है
दिल्ली की हवा में अब रोमांस नहीं, धूल है, मसलन, मोहब्बत से ज्यादा मास्क जरूरी हो गया है। अब जहां पहले दिल्ली की बरातें अपनी शाही शान के लिए जानी जाती थीं, वहीं इस बार शादी के कार्ड पर लिखा है- वेन्यू: दिल्ली (कैंसल), सी यू इन पुष्कर।