ग्रेटर नोएडा: ट्रेन रोकने जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका, समान मुआवजा समेत अन्य मांगों को लेकर कर रहे विरोध
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा के नेतृत्व में पिछले एक साल से एनटीपीसी से प्रभावित किसानों का प्लांट के गेट पर धरना चल रहा है। धरने के दौरान कई बार किसानों ने लाठियां खाईं। उनको जेल भी भेजा गया। लेकिन मांगों को पूरा करने के लिए प्रबंधन तैयार नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोयला लेकर जाने वाली मालगाड़ी को रोकने के लिए जा रहे एनटीपीसी दादरी से प्रभावित किसानों को पुलिस ने पहले ही रोक लिया। पुलिस ने बिसाहडा गेट व फाटक को बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया। इस दौरान किसान और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए। पुलिस की सख्ती के आगे किसानों की एक न चली। बैरिकेडिंग तोड़कर घुस रहे लोगों को पुलिस ने लाठी पटककर भगाया।
बता दें कि एक सप्ताह से किसान संगठनों के पदाधिकारी इस तैयारी में जुटे थे। किसानों का कहना है कि वह लंबे समय से समान मुआवजा देने समेत मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। लेकिन उनकी मांगों को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन गंभीर नहीं है।
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा के नेतृत्व में पिछले एक साल से एनटीपीसी से प्रभावित किसानों का प्लांट के गेट पर धरना चल रहा है। धरने के दौरान कई बार किसानों ने लाठियां खाईं। उनको जेल भी भेजा गया। लेकिन मांगों को पूरा करने के लिए प्रबंधन तैयार नहीं है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा।
मांगें पूरी नहीं होने पर किसान आंदोलन की धार और तेज की जाएगी। इसके तहत ही 17 सितंबर को एनटीपीसी के लिए कोयला लेकर आने वाली मालगाड़ी को रोकने का ऐलान किया गया था। किस स्थान पर माल गाड़ी रोकी जाएगी, इसको लेकर किसान चुप्पी साधे हुए थे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.