सावधान! नोएडा में घर खरीदने से हो जाएं सर्तक, बिल्डर्स ऐसे दे रहे हैं धोखा
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जिले में डूब क्षेत्र को आवासीय बताकर वहां प्लाटिंग करने वालों पर जिला प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। ऐसे 52 व्यक्तियों व कंपनियों की सूची तैयार की गई है जिन्होंने डूब क्षेत्र में 100 से अधिक प्लाट बेचे हैं। जिला प्रशासन ऐसे सभी लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करेगा। साथ ही, कुछ संगठित विक्रेताओं पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगेगा। सेक्टर-27 स्थित जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में एक बैठक के दौरान जिलाधिकारी बीएन सिंह ने यह जानकारी दी।
जिलाधिकारी के मुताबिक, नियमों के अनुसार डूब क्षेत्र की जमीन किसान बेच सकते हैं, लेकिन आवास के लिए न इसका इस्तेमाल किया जा सकता है न ही बेचा जा सकता है। डूब क्षेत्र में निर्माण कार्य करना अवैध है। हमें सूचनाएं मिली थीं कि डूब क्षेत्र में बड़ी संख्या में जमीनें आवासीय प्लाट के नाम पर बेची गई हैं।
बीकेआर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 1094 प्लाट डूब क्षेत्र में बेचे। पहले चरण की कार्रवाई के लिए 100 से अधिक प्लाट बेचने वाले 52 व्यक्तियों या कंपनियों की सूची बनाई गई है। इन पर गैंगस्टर एक्ट लगेगा। वहीं, जिन लोगों ने बहुत बड़ी संख्या में अवैध प्लाटिंग की है, उन पर रासुका लगेगा, ताकि ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।
कैसे होती है आवासीय रजिस्ट्री
नियमानुसार डूब क्षेत्र में बिके प्लाट की आवासीय रजिस्ट्री नहीं की जानी चाहिए, लेकिन फिर भी ऐसा होता रहता है। जिलाधिकारी के अनुसार रजिस्ट्री विभाग सिर्फ रजिस्ट्री के लिए आए जमीन के क्रेता व विक्रेता की सूची जांचता है। रजिस्ट्री के समय मालिकाना हक देखा जाता है। किस जमीन पर एनओसी है या जमीन पर निर्माण की इजाजत है या नहीं विभाग इसकी जांच नहीं करता। इससे आवासीय में डूब क्षेत्र की जमीन की रजिस्ट्री हो जाती है। हम इसे रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस-प्रशासन मिलकर करेंगे कई योजनाओं पर कार्य
डूब क्षेत्र में निर्माण कार्य रोकने के लिए कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी व एसएसपी की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर पुलिस व प्रशासन को मिलकर काम करना है। ऐसे में दोनों विभागों का तालमेल जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए दोनों विभागों ने हर हफ्ते या 15 दिन में एक साथ बैठक करने का फैसला लिया है, ताकि जिले से संबंधित समस्याओं को सुलझाया जा सके।