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पड़ताल: इन पुलिसवालों के हाथ तो असुरक्षित हैं बैंक

Thu, 25 Aug 2016 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 25 Aug 2016 10:57 AM IST
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police employed in banks are resting more than doing security

रोजाना करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाले बैंक  और गोल्ड लेन कंपनियां अपनी सुरक्षा को लेकर पहले से ही लापरवाह हैं। लेकिन बैंक की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी भी लापरवाही बरतेगें तो लुटेरों के हौसले बुलंद होंगे ही। बैंकों की सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान निगरानी रखने के बजाय अंदर बैठकर एसी की ठंडी हवा का मजा लेते है। ठंडी हवा में नींद भी आ जाए तो कोई परवाह नहीं। बड़ी वारदातों के बाद भी गोल्ड लोन कंपनियों में सुरक्षा को लेकर लापरवाही का खेल जा रही है। कैमरे की नजर से इसका जायजा लिया गौरव चौधरी ने।

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बीके चौक
बीके चौक स्थित एक निजी बैंक में रोजाना कैश जमा कराने और निकालने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है। बैंक से रोजना करोड़ो रुपये का लेनदेन होता है। बैंक में एटीएम मशीन पर तो गार्ड की तैनाती है। लेकिन बैंक के गेट पर कोई प्राइवेट गार्ड की तैनाती नही है। बैंक की सुरक्षा के लिए  रोजाना एनाअईटी थाने से दो पुलिसकर्मियों की डयूटी बैंक  के बाहर लगाई जाती है। ताकि पुलिस बदमाशों और लुटेरों पर नजर रख सके । लेकिन ड्यूटी पर लगाए गए पुलिसकर्मी धूप में खड़े होने की बजाय बैंक परिसर के अंदर आराम फरमाते हैं। इस बैंक के बाहर कई बार पैसे छीनने की वारदात को अंजाम दे चुके हैं।
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नीलम बाटा रोड
नीलम बाटा रोड स्थित सरकारी बैंक की बड़ी ब्रांच में लापरवाही का खुला खेल खेला जा रहा है। इस बैंक में न तो सुरक्षा गार्ड दिखा ई दिया और न ही पुलिसकर्मी। यहां भी रोजाना करोड़ों रुपये का लेनदेन होता है। मार्च के महीने में बैंक से चंद कदमों की दूरी पर गोल्ड लोन कंपनी में करोड़ों रुपये की डकैती पड़ी थी। इसके बाद सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे, लेकिन न बैंकों ने और न ही गोल्ड लोन कंपनियों ने इससे सबक लिया है।
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एनआईटी और कोतवाली थाना क्षेत्र में 50 से ज्यादा छोटे बड़े बैंक हैं। इनकी सुरक्षा का जिम्मा सिर्फ 20 पुलिसकर्मियों पर ही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था का खुद ही अंदाजा लगाया जाता सकता है। सबसे ज्यादा लूटपाट इन्हीं क्षेत्रों में होती हैं।

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