दिल्ली-NCR की जहरीली सर्दी: गठिया के मरीजों के लिए पीएम2.5 बना नया दुश्मन, डॉक्टर दे रहे बचने के ये छह सलाह
यूरोपियन मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लंबे समय तक पीएम2.5 के संपर्क में रहने से गठिया का खतरा 12 से 18 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
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दिल्ली-एनसीआर में तापमान 15 डिग्री से नीचे गिरने और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300-450 के बीच रहने से गठिया के लाखों मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के साथ जहरीला पीएम2.5 जोड़ों के दर्द को दोगुना कर रहा है। देश के बड़े अस्पतालों में पिछले दो महीनों में गठिया के मरीजों की ओपीडी में 30-40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
यूरोपियन मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लंबे समय तक पीएम2.5 के संपर्क में रहने से गठिया का खतरा 12 से 18 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। ये सूक्ष्म कण फेफड़ों से खून में पहुंचकर पूरे शरीर के साथ खासकर जोड़ों में सूजन फैलाते हैं।
सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अरविंद मेहरा ने बताया कि नवंबर के पहले हफ्ते से ही उनके पास पुराने गठिया के मरीज आ रहे हैं। दर्द इतना तेज हो रहा है कि कई लोग रात में नींद भी नहीं ले पा रहे। ठंड मांसपेशियों को सख्त कर देती है और पीएम2.5 सूजन को बढ़ाता है।
वहीं, रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. साइमन थॉमस ने बताया कि उन्होंने देखा है कि घुटना-कूल्हा बदलवाने के बाद भी जिन मरीजों का घर प्रदूषित इलाके में है, उनकी रिकवरी धीमी होती है और दर्द बार-बार लौटकर आता है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक दिल्ली की हवा साफ नहीं होगी, जोड़ों का दर्द लाखों लोगों का स्थायी मेहमान बना रहेगा।
-घर से बाहर तभी निकलें जब एक्यूआई 150 से नीचे हो।
-एन95 मास्क जरूर लगाएं।
-सुबह-शाम गुनगुने पानी में हल्दी-काली मिर्च मिलाकर पिएं।
-घर के अंदर हल्की स्ट्रेचिंग और योगा करें।
-कमरे में ह्यूमिडिफायर चलाएं।
-दर्द या सूजन बढ़े तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।