संजीव को दिल्ली सरकार में भेजने पर PM करेंगे आखिरी फैसला
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उत्तराखंड कैडर के चर्चित अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजने का अंतिम फैसला अब प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली अप्वांइटमेंट कमेटी और कैबिनेट (एसीसी) को लेना है।
संजीव की अर्जी पर फैसला सुनाते हुए सेंट्रल एडमिनिस्ट्रिटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने 5 जनवरी तक फैसला लेने का आदेश दिया है। इससे पहले कैट के आदेश पर ही चतुर्वेदी का कैडर हरियाणा से उत्तराखंड स्थानांतरित किया गया था।
संजीव को दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के लिए उत्तराखंड सरकार से अनापत्ति प्रमाण-पत्र मिल गया था। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी अनापत्ति प्रमाण-पत्र दे दिया।
अब कैट ने 5 जनवरी 2016 तक संजीव को दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के मामले में अंतिम फैसला लेने का आदेश दे दिया है। अखिल भारतीय सिविल सेवा अधिकारियों के कैडर स्थानांतरण और प्रतिनियुक्ति पर भेजने की प्रक्रिया के तहत अंतिम फैसला एसीसी को लेना होता है।
केजरीवाल बनाना चाहते हैं अपना ओएसडी
दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से फरवरी 2015 में चतुर्वेदी को अपना ओएसडी बनाने की मांग की थी। संजीव ने भी दिल्ली सरकार में काम करने की इच्छा जताई थी।
लेकिन संजीव को प्रतिनियुक्ति पर भेजने के मामले में केंद्र सरकार की ओर से हीलाहवाली का दौर चलता रहा। इसके बाद उन्होंने कैट में अर्जी दाखिल की, जिसके बाद यह फैसला आया।
संजीव चतुर्वेदी एम्स में बतौर डिप्टी सेक्रेटरी कार्यरत हैं, लेकिन उनके पास फिलहाल कोई भी काम नहीं है। काम मांगने के लिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है और कैबिनेट सचिव को भी पत्र लिखा है।