{"_id":"6ab905c27c30794e01048694","slug":"pm-uday-scheme-additional-75-rebate-on-regularization-charges-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-156764-2026-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम-उदय योजना: नियमितीकरण शुल्क में 75% की अतिरिक्त छूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम-उदय योजना: नियमितीकरण शुल्क में 75% की अतिरिक्त छूट
विज्ञापन
31 अक्तूबर तक मिलेगा लाभ, एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पीएम-उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में बने मकानों के निर्मित क्षेत्र को नियमित कराना अब सस्ता हो गया है। एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने नियमितीकरण शुल्क में 75 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह लाभ 31 अक्तूबर तक नियमितीकरण कराने वाले आवेदकों को मिलेगा।
सत्या शर्मा ने बताया कि योजना के तहत नियमितीकरण के लिए लिए जाने वाले चार शुल्कों-कम्पन्सेटरी रेगुलेटरी चार्ज, सीएंडडी चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज और एडमिन/आईटी चार्ज पर 75 प्रतिशत तक की अतिरिक्त राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य अनधिकृत कॉलोनियों में लंबे समय से रह रहे लोगों को उनकी संपत्तियों का अधिकार दिलाना है। शुल्क में छूट से लोगों को अपने मकानों का निर्माण नियमानुसार दर्ज कराने में सुविधा होगी।
एमसीडी पहले ही यूबीबीएल-2016 के तहत लगने वाले कई शुल्क समाप्त कर चुकी है। इनमें परमिट फीस, बेटरमेंट चार्ज, लेवी, अतिरिक्त लेवी, प्लिंथ फीस, प्री-ऑक्यूपेंसी चार्ज और बिना स्वीकृति निर्माण से संबंधित शुल्क शामिल हैं। श्रम उपकर भी नियमितीकरण शुल्क में शामिल नहीं है। नियमितीकरण प्रक्रिया आसान बनाने के लिए 27 जुलाई से सूचीबद्ध पेशेवरों के माध्यम से सेल्फ असेसमेंट के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था लागू की गई है। जागरूकता के लिए शिविर, एसएमएस और प्रचार अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
1,511 अनधिकृत कॉलोनियां पीएम-उदय कानून के दायरे में
दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियां पीएम-उदय कानून के दायरे में हैं। इनमें करीब 44.75 लाख लोग रहते हैं। अब तक लगभग 40 हजार संपत्तियों के लिए कन्वेयंस डीड (स्वामित्व का प्रमाण) या ऑथराइजेशन स्लिप जारी की जा चुकी हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पीएम-उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में बने मकानों के निर्मित क्षेत्र को नियमित कराना अब सस्ता हो गया है। एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने नियमितीकरण शुल्क में 75 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह लाभ 31 अक्तूबर तक नियमितीकरण कराने वाले आवेदकों को मिलेगा।
सत्या शर्मा ने बताया कि योजना के तहत नियमितीकरण के लिए लिए जाने वाले चार शुल्कों-कम्पन्सेटरी रेगुलेटरी चार्ज, सीएंडडी चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज और एडमिन/आईटी चार्ज पर 75 प्रतिशत तक की अतिरिक्त राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य अनधिकृत कॉलोनियों में लंबे समय से रह रहे लोगों को उनकी संपत्तियों का अधिकार दिलाना है। शुल्क में छूट से लोगों को अपने मकानों का निर्माण नियमानुसार दर्ज कराने में सुविधा होगी।
विज्ञापन
एमसीडी पहले ही यूबीबीएल-2016 के तहत लगने वाले कई शुल्क समाप्त कर चुकी है। इनमें परमिट फीस, बेटरमेंट चार्ज, लेवी, अतिरिक्त लेवी, प्लिंथ फीस, प्री-ऑक्यूपेंसी चार्ज और बिना स्वीकृति निर्माण से संबंधित शुल्क शामिल हैं। श्रम उपकर भी नियमितीकरण शुल्क में शामिल नहीं है। नियमितीकरण प्रक्रिया आसान बनाने के लिए 27 जुलाई से सूचीबद्ध पेशेवरों के माध्यम से सेल्फ असेसमेंट के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था लागू की गई है। जागरूकता के लिए शिविर, एसएमएस और प्रचार अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
1,511 अनधिकृत कॉलोनियां पीएम-उदय कानून के दायरे में
दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियां पीएम-उदय कानून के दायरे में हैं। इनमें करीब 44.75 लाख लोग रहते हैं। अब तक लगभग 40 हजार संपत्तियों के लिए कन्वेयंस डीड (स्वामित्व का प्रमाण) या ऑथराइजेशन स्लिप जारी की जा चुकी हैं।