खादी ग्रामोद्योग कैलेंडर पर मोदी ने ली महात्मा गांधी की जगह तो भड़के केजरीवाल
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खादी ग्रामोद्योग हर साल अपना कैलेंडर जारी करता है, लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ है जिससे पीएम मोदी एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के निशाने पर आ गए हैं।
वैसे तो केजरीवाल दिल्ली में होने वाली हर गड़बड़ी के लिए केंद्र सरकार व पीएम को दोष देते ही रहते हैं लेकिन इस बार पीएम मोदी एक कैलेंडर के लिए केजरीवाल के निशाने पर हैं।
दरअसल इस बार खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर में से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर नदारद है और उनकी जगह पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर कैलेंडर में चस्पा है। इसी को लेकर मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट के माध्यम से मोदी पर निशाना साधा है।
उन्होंने लिखा है- 'गांधी बनने के लिए कई जन्मों की तपस्या करनी पड़ती है। चरख़ा कातने की ऐक्टिंग करने से कोई गांधी नहीं बन जाता, बल्कि उपहास का पात्र बनता है।'
गांधी बनने के लिए कई जन्मों की तपस्या करनी पड़ती है। चरख़ा कातने की ऐक्टिंग करने से कोई गांधी नहीं बन जाता, बल्कि उपहास का पात्र बनता है https://t.co/rIDqQM3IUW
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 12, 2017
वहीं इस ट्वीट के बाद लोगों ने केजरीवाल की भी एक पुरानी फोटो डालकर उनका खूब मजाक उड़ाया है। दूसरी तरफ पीएम मोदी के इस कैलेंडर को लेकर भी एक टॉप ट्रेंड #चरखा_चोर_मोदी के नाम से चल रहा है।
मित्रों ...
— PhD in Sarcaxm !! (@I_Atheist_) January 12, 2017
ग़लत मत समझो ये केजरीवाल गांधी जी सूत नही "चूँ**या" काट रहे है 😂😂😂🤣 pic.twitter.com/BF6FlYV30A
पहले दिखते थे गांधी जी
बता दें कि तस्वीर में पीएम मोदी चरखा चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले गांधी जी कैलेंडर में चरखा चलाते हुए दिखाई देते थे। कैलेंडर में पीएम की तस्वीर देखते ही खादी ग्रामोद्योग आयोग के ज्यादातर अधिकारी और कर्मचारी भौंचक रह गए।
मीडिया खबरों के मुताबिक इस बारे में पूछे जाने पर आयोग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि ऐसा पहली दफा नहीं है, जब कैलेंडर की तस्वीर को बदला गया हो।
सक्सेना ने कहा कि ऐसा पहली भी होता रहा है। सक्सेना के मुताबिक पूरा खादी उद्योग ही गांधी जी के दर्शन, विचारों और आदर्शों पर आधारित है। वह खादी ग्रामोद्योग की आत्मा हैं। उन्हें नजरअंदाज किए जाने का सवाल ही नहीं उठता है।
दुखी हैं ग्रामोद्योग आयोग के कर्मचारी भी
सक्सेना ने पीएम मोदी की तस्वीर छापे जाने पर दलील दी कि पीएम खादी के सबसे बड़े ब्रैंड एंबेसडर हैं। वे लंबे समय से खादी पहनते आ रहे हैं और उन्होंने देश ही नहीं विदेशों से भी लोगों को खादी पहनने के लिए आकर्षित किया है।
पीएम मोदी के सपने 'मेक इन इंडिया' के तहत खादी ग्रामोद्योग देश के गावों को आत्मनिर्भर बनाने और स्किल डिवेलपमेंट के जरिए युवाओं को रोजगार देने प्रयास में जुटा है।
खादी को बुनने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी मार्केटिंग को भी और बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। आयोग के कुछ कर्मचारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि ऐसा किए जाने से वे दुखी हैं।