Delhi: देश से माफी मांगे पीएम और भाजपा, संजय सिंह बोले- शराब घोटाला खड़ा करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
संजय सिंह ने कहा कि शराब मामले में घोटाले जैसी कोई बात ही नहीं है। यह मनगढ़ंत और हवा-हवाई बातें थीं। इसके पीछे आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी को बदनाम करने की गहरी साजिश रची गई थी।
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सांसद संजय सिंह ने कहा कि राउज एवेन्यू कोर्ट के छह मई के आदेश के बाद भाजपा और प्रधानमंत्री का असली चेहरा देश के सामने आ गया है। संजय सिंह ने कहा कि शराब मामले में घोटाले जैसी कोई बात ही नहीं है। यह मनगढ़ंत और हवा-हवाई बातें थीं। इसके पीछे आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी को बदनाम करने की गहरी साजिश रची गई थी। लिहाजा प्रधानमंत्री और भाजपा को पूरे देश सहित केजरीवाल से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मनगढ़ंत शराब घोटाला खड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
संजय सिंह ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राउज एवेन्यू कोर्ट का आदेश आने के बाद से भाजपा नेता चुप हैं, जबकि भाजपा नेता हवा में शराब घोटाले और उसकी जांच की बात करते थे। वहीं ईडी-सीबीआई ने जांच के दौरान कहा कि 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई है। कुछ दिन बाद ईडी-सीबीआई ने कहा कि 100 करोड़ में से 70 करोड़ रुपये का उसके पास कोई सबूत ही नहीं है।
ईडी ने 30 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार की झूठी जानकारी अपनी चार्जशीट में रखी। जांच एजेंसी ने कहा कि वेंडर राजेश जोशी को साउथ के शराब कारोबारियों ने 30 करोड़ रुपये की रिश्वत दी। साथ ही इस पैसे को गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया गया। प्रधानमंत्री के निर्देश पर पिछले छह महीने से ईडी-सीबीआई गोवा जाकर जांच कर रही थीं। कई लोगों से पूछताछ की और उन्हें डराया-धमकाया। ईडी ने सारी जांच के बाद कोर्ट के सामने कहा कि आम आदमी पार्टी ने कुल 19 लाख रुपये ही गोवा चुनाव में खर्च किए हैं।
संजय सिंह ने कहा कि 30 करोड़ रुपये की रिश्वत के संबंध में कोर्ट के मांगने पर ईडी कोई भी सबूत नहीं दे पाई। कोर्ट ने बिना सबूत के गिरफ्तारी पर भी सवाल किए और पूरी जांच को बेबुनियाद और निराधार करार दिया, क्योंकि इसमें कोई तथ्य और सबूत नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने शराब घोटाले को लेकर ईडी के पास कोई तथ्य व प्रमाण नहीं होने पर राजेश जोशी और गौतम मल्होत्रा को जमानत दे दी। उन्होंने कहा कि ईडी-सीबीआई एक ऐसे घोटाले की जांच कर रही हैं, जिसका सिर-पैर नहीं है।