फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   PhD student suicides attempt, AIIMS banned woman doctor

पीएचडी छात्र द्वारा आत्महत्या का प्रयास मामला, AIIMS ने महिला डॉक्टर को प्रतिबंधित किया

Thu, 19 Apr 2018 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 19 Apr 2018 09:30 AM IST
विज्ञापन
PhD student suicides attempt, AIIMS banned woman doctor
AIIMS

देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स ने छात्रों के साथ गलत व्यवहार पर सख्त रुख अपनाया है। प्रबंधन ने स्पष्ट हिदायत दी है कि किसी भी छात्र के साथ गलत व्यवहार संस्थान बर्दाश्त नहीं करेगा।

विज्ञापन


भविष्य में अगर किसी भी फैकल्टी की ओर से इस तरह की लापरवाही देखने को मिलती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये चेतावनी एम्स प्रबंधन ने एक महिला डॉक्टर पर पीएचडी कराने को लेकर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाने के बाद दी है।
विज्ञापन

    
दरअसल, पिछले महीने एम्स के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में पीएचडी कर रहे छात्र रजत प्रकाश ने आत्महत्या का प्रयास किया था। गौतम नगर स्थित अपने कमरे में बेसुध मिले रजत को लेकर उसके दोस्त एम्स ट्रामा सेंटर गए। यहां उपचार के बाद रजत को बचा लिया। इस दौरान उसने माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एक वरिष्ठ महिला डॉक्टर पर मानसिक शोषण और गलत व्यवहार करने के आरोप लगाए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

छात्रों ने भी इसके खिलाफ हल्ला बोल दिया था

PhD student suicides attempt, AIIMS banned woman doctor
एम्स
जिसके बाद पीएचडी कर रहे अन्य छात्रों ने भी इसके खिलाफ हल्ला बोल दिया था। आनन फानन में एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने छात्रों से बैठक के बाद एक कमेटी बनाई थी ताकि मामले की जांच हो सके।
    
कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही 28 मार्च को निदेशक ने महिला डॉक्टर को पीएचडी कराने से तीन वर्ष के लिए वंचित करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं एम्स में पीएचडी कर रहे अन्य छात्रों की मानें तो संस्थान में कुछ और फैकल्टी इस तरह का बर्ताव करते हैं। जिनकी जानकारी उन्होंने बैठक के दौरान एम्स निदेशक को भी दी थी।

अक्सर पीएचडी कर रहे छात्रों से शोध पर काम न करवाते हुए मरीजों के सैंपल बुलवाए जाते हैं, उनकी जांच करवाई जाती है। जबकि इसके लिए एम्स में बकायदा अलग से स्टाफ तैनात है। लेकिन उन स्टाफ को डॉक्टर व्यक्तिगत कार्यों में व्यस्त रखते हैं।
    
फिलहाल एम्स प्रबंधन ने अब इस तरह के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए सभी विभागाध्यक्षों और फैकल्टी को चेतावनी देते हुए भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इस पर नजर रखने के लिए एक कमेटी भी बनाई है। इसमें एम्स के कुछ वरिष्ठ डॉक्टर शामिल हैं। साथ ही छात्रों से किसी भी तरह की समस्या होने पर कमेटी से संपर्क करने की सलाह भी दी है।      
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed