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फार्मासिस्ट बना मरीजों की जान का दुश्मन
अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 08 Mar 2014 06:06 PM IST
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मरीजों को सही दवा मिल सके इसलिए फरीदाबाद के बीके अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल स्थित डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट रखे हैं।
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लेकिन ये फार्मासिस्ट अपने काम के प्रति इतने लापरवाह हैं कि बिना देखे ही किसी को भी कोई भी दवा दे देते हैं। शनिवार को दो पीड़ितों ने कर्मचारियों की इस लापरवाही की शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की है।
सेक्टर-3 निवासी मैर कुट्टी ने बताया कि उन्हे शुगर की बीमारी है। शुक्रवार को वह अपनी जांच के लिए अस्पताल ओपीडी आई थीं। जांच के बाद डॉक्टर ने जो दवाएं लिख कर दीं उसने वो सभी दवाएं अस्पताल की डिस्पेंसरी से ले लीं। मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट से उसने दवा कैसे खानी है यह भी पूछा।
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कुट्टी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम को जब उसने दवा शुरू की तो उसकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद शनिवार सुबह भी दवा खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद उसने दवा और ओपीडी कार्ड अस्पताल में आकर दिखाया।
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डॉक्टर ने कार्ड और दवा देखकर बताया कि जो दवा दी गई है वह वजन घटाने (कैलोरी कंट्रोल) की दवा है। जबकि शुगर के मरीज को इस तरह की दवा नहीं दी जाती। इसी तरह की शिकायत सेक्टर-23 निवासी केदारनाथ ने की।
केदारनाथ ने बताया कि उसकी कमर की हड्डी टूट गई थी, जिस कारण वह 17 फरवरी से अस्पताल में भर्ती है। शुक्रवार रात नर्स ने एक साथ कई दवाईयां उसके ग्लूकोस की बोतल में डाल दीं। जिससे उसका ब्लड प्रेशर बिल्कुल लो हो गया। मौके पर स्टाफ को जब मदद के लिए बुलाया गया तो वह नहीं आई।
दोनों पीड़ितों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधक डॉ. विरेंद्र यादव को दी। डॉ. यादव ने बताया कि दवा का सैंपल रख लिया गया है। सोमवार को इस बारे में कार्रवाई होगी।