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फिरोज शाह कोटला के ओल्ड क्लब ब्लॉक के इस्तेमाल पर रोक की मांग, हाईकोर्ट में याचिका
Tue, 05 Mar 2019 02:01 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Tue, 05 Mar 2019 02:01 AM IST
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FIROZ SHAH KOTLA
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फिरोज शाह कोटला स्टेडियम के आरपी मेहरा ब्लॉक की दर्शक दीर्घा के तौर पर आगामी मैचों में प्रयोग न करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) को इस संबंध में निर्देश देने की मांग की गई है। इस ब्लॉक को ओल्ड क्लब ब्लॉक के नाम से भी जाना जाता है। इस स्टेडियम में 12 मार्च को भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच वन डे तथा 23 मार्च से आईपीएल के मैच शुरू होने हैं।
कोर्ट में पेश आवेदन में कहा गया है कि यह ब्लॉक दर्शकों की जान के लिए खतरा है। यदि इसका इस्तेमाल किया जाता है तो इससे करोल बाग होटल जैसा हादसा हो सकता है। इस हादसे में 17 लोगों की जान चली गई थी। न्यायमूर्ति विभु बाखरू के समक्ष सुनवाई के लिए आए इस आवेदन में कहा गया है कि यह ब्लॉक किसी भी एजेंसी की अनुमति के बिना बनाया गया है और इसका इस्तेमाल होने से जानमाल का नुकसान हो सकता है। इसलिए जब तक इसकी सुरक्षा प्रमाणित नहीं हो जाती, तब तक इसके इस्तेमाल की अनुमति न दी जाए।
इस मामले में पहले से एक याचिका विचाराधीन है। कोर्ट ने याचिका व आवेदन पर एक साथ सुनवाई के लिए 25 अप्रैल की तारीख तय की है। पेश आवेदन दिनेश सैनी ने दायर कर कहा है कि यह ब्लॉक बिना अनुमति के बनाया गया है और यह लोगों के जानमाल के लिए खतरा है। इसलिए इसे तोड़ा जाना चाहिए या फिर याचिका का निबटारा होने तक इसे सील कर देना चाहिए ताकि कोई हादसा न हो।
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कोर्ट में पेश आवेदन में कहा गया है कि यह ब्लॉक दर्शकों की जान के लिए खतरा है। यदि इसका इस्तेमाल किया जाता है तो इससे करोल बाग होटल जैसा हादसा हो सकता है। इस हादसे में 17 लोगों की जान चली गई थी। न्यायमूर्ति विभु बाखरू के समक्ष सुनवाई के लिए आए इस आवेदन में कहा गया है कि यह ब्लॉक किसी भी एजेंसी की अनुमति के बिना बनाया गया है और इसका इस्तेमाल होने से जानमाल का नुकसान हो सकता है। इसलिए जब तक इसकी सुरक्षा प्रमाणित नहीं हो जाती, तब तक इसके इस्तेमाल की अनुमति न दी जाए।
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इस मामले में पहले से एक याचिका विचाराधीन है। कोर्ट ने याचिका व आवेदन पर एक साथ सुनवाई के लिए 25 अप्रैल की तारीख तय की है। पेश आवेदन दिनेश सैनी ने दायर कर कहा है कि यह ब्लॉक बिना अनुमति के बनाया गया है और यह लोगों के जानमाल के लिए खतरा है। इसलिए इसे तोड़ा जाना चाहिए या फिर याचिका का निबटारा होने तक इसे सील कर देना चाहिए ताकि कोई हादसा न हो।
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