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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Had the police taken cognizance of the complaint filed on July 18, Muskan would still be alive.

Delhi NCR News: 18 जुलाई की शिकायत पर पुलिस ने लिया होता संज्ञान तो जिंदा रहती मुस्कान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 09:18 PM IST
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30 जुलाई को नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आया था आकिब, फिर से मुस्कान को करने लगा था परेशान
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-भागते समय फोन भी साथ ले गया था आरोपी, निशानदेही पर बरामद मोबाइल में मिली चैट
-पिस्टल और भागने में मदद करने वालों की पुलिस कर रही तलाश, दूसरे युवक से बात करना नहीं था गवारा
अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। तिलक नगर के ओल्ड महावीर नगर में 21 वर्षीय मुस्कान शर्मा की हत्या में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आकिब उर्फ इमरान को लेकर जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, मुस्कान ने करीब डेढ़ महीने पहले ही आकिब की ओर से परेशान करने की शिकायत पुलिस से की थी। उस समय औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। आकिब के नशे की लत के इतिहास को देखते हुए उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया था। वहां खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के बाद उसे 30 जुलाई को छोड़ दिया गया था। इसके बाद 26 अगस्त को वह मुस्कान के घर पहुंचा और उसकी हत्या कर दी।

पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह का पता मुस्कान के बरामद मोबाइल की जांच के दौरान चला। आरोपी घर से भागते समय मुस्कान का मोबाइल भी अपने साथ ले गया था और कुछ दूरी पर उसे फेंक दिया था। बाद में उसकी निशानदेही पर मोबाइल बरामद किया गया। फोन में मिली चैट की जांच में पता चला कि मुस्कान किसी दूसरे युवक से बातचीत कर रही थी। आरोपी जब उसके घर पहुंचा तो उसने मोबाइल में दोनों के बीच हो रही बातचीत देख ली। इससे वह भड़क गया। पुलिस की जांच के अनुसार, मुस्कान ने आकिब को घर से जाने के लिए कहा था, लेकिन गुस्से में उसने उस पर हमला कर दिया। उसने मुस्कान को बिस्तर पर गिराने के बाद पेट और सीने पर चाकू से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल मुस्कान की मौत हो गई।
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18 जुलाई की शिकायत पर पुलिस ने सख्ती से नहीं उठाया कदम : मुस्कान ने 18 जुलाई को आकिब द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत पुलिस तक पहुंचाई थी। इसके बावजूद उसके खिलाफ उस समय कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं हुआ। बल्कि ने उसे शांति भंग करने के मामले में पकड़ा था। इसके बाद वह नशा मुक्ति केंद्र में था। वहां खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के बाद 30 जुलाई को उसे छोड़ दिया गया। इसके करीब चार सप्ताह बाद आकिब मुस्कान के घर पहुंचा और उसकी हत्या कर दी। अब सवाल यह है कि 18 जुलाई को मिली शिकायत के बाद आकिब की गतिविधियों पर निगरानी क्यों नहीं रखी गई और उसे दोबारा मुस्कान तक पहुंचने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद आकिब लगातार मुस्कान के संपर्क में था या उसे परेशान कर रहा था।
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पहले से दर्ज हैं दो आपराधिक मामले : आरोपी आकिब के खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। तिलक नगर थाने में वर्ष 2018 में उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में आरोपी ने अपने एक साथी के साथ नाबालिग किशोरी के साथ छोड़छाड़ किया था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की थी। वहीं वर्ष 2021 में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में वह जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर था।
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