'जनता आई फ्री पानी और बिजली के बहकावे में'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा मंथन में जुटी है। इस बीच चुनाव के दौरान भाजपा की सीएम पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने कहा है कि वह चुनावी राजनीतिक परीक्षा में नाकाम रहीं। इसके बावजूद अपनी क्षमता के मुताबिक मेहनत की।
किरण बेदी ने अपने ब्लॉग पर लिखे एक खुले पत्र में इस बात का भी जिक्र किया कि चुनावी हार के लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं, लेकिन मैं अभी अंदर से विफल नहीं हुई हूं, क्योंकि जितना मैंने परिश्रम किया वह कम था।
इससे कहीं अधिक मेहनत करने की आवश्यकता थी। गौरतलब है कि 10 फरवरी को विधानसभा का चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने हार के लिए पार्टी को जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए।
मुफ्त के वादे ज्यादा दिन तक नहीं चलते
बेदी ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि वह इस बात से राहत महसूस करती हैं कि उनके माता-पिता वह भद्दे और बुरे शब्द सुनने के लिए जीवित नहीं हैं, जो चुनाव प्रचार के दौरान उनको कहे गए थे।
बेदी ने कहा कि दिल्ली वालों को स्थिर और केंद्र से तालमेल बैठाकर विकास करने वाली सरकार को लेकर भाजपा में शामिल हुईं। आम आदमी पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता मुफ्त पानी व बिजली बिल में कटौती के वादों के बहकावे में आ गई।
अब ऐसे में किरण बेदी ने जनमत पर ही प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बेदी बोलीं कि मुफ्त का वादा ज्यादा दिनों तक नहीं चलता है। बेदी ने कहा कि एक बार फिर से बेहतर करने की आवश्यकता है।