कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर कश्मीरी फैमिली की हुई पिटाई, वीडियो हो रहा वायरल
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सनलाइट कॉलोनी थाना इलाके में बृहस्पतिवार रात कश्मीरी परिवार को पीटने का मामला सामने आया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें कश्मीरी होने की वजह से पीटा गया है। वहीं, आरडब्ल्यूए और इलाके के नागरिकों का कहना है कि विवाद का कारण कश्मीरी होना नहीं, बल्कि उनका कुत्तों को खाना डालना है। इसके कारण मुहल्ले में लावारिस कुत्ते एकत्र हो गए हैं और ये लोगों को काटते हैं। दोनों ही पक्षों ने सनलाइट कॉलोनी थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दी है।
पीड़ित परिवार की ओर से छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज हो गई है। दक्षिण पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के हसन हुसैन (बदला नाम) तीन बहनों व ईरानी महिला दोस्त के साथ पॉकेट-सी सिद्वार्थ एन्क्लेव में रहते हैं। वह एक प्राइवेट कंपनी में फाइनेंस का काम करते हैं।
उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह रात करीब 11:30 बजे खाना खाने के बाद घूमकर लौट रहे थे तो अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पिटाई से हसन का बायां हाथ टूट गया और उनके बहनों को काफी चोटें आई हैं। घर में घुसकर उन्होंने जान बचाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि वह कश्मीरी हैं, इस कारण उन पर स्थानीय लोगों ने हमला किया है। हालांकि कुछ स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के साथ हैं। उधर, दूसरे पक्ष का कहना है कि कश्मीरी परिवार कई महीने से यहां में रह रहा है। परिवार के लावारिस कुत्तों को जहां-तहां खाना डालने से काफी लावारिस कुत्ते आ गए हैं। ये कई लोगों को काट चुके हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एसएन पांडेय ने कहा कि कुत्तों को खाना डालने का ही स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस को शिकायत दी है। यहां रहने वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग का भी यहीं कहना है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कश्मीरी परिवार को खाना डालने से मना किया गया तो वह मारपीट करने लगा। हालांकि बताया जा रहा है कि आरडब्ल्यूए समेत स्थानीय लोग कई महीने से कश्मीरी परिवार के खिलाफ शिकायत दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी के साथ मारपीट नहीं की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कश्मीरी परिवार ने करीब एक सप्ताह पहले शिकायत दी थी और पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि उनको सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई थी।