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मिल रही तारीख पर तारीख, कब मिलेगा घर?

Thu, 18 Sep 2014 11:28 AM IST
Updated Thu, 18 Sep 2014 11:28 AM IST
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people are waiting for thier homes in noida.

जितनी खुशी में निवेशकों ने ग्रेनो वेस्ट में फ्लैट बुक कराए थे, अब वे उससे ज्यादा दिक्कत का सामना करने रहे हैं। प्रोजेक्ट एक साल नहीं बल्कि करीब दो साल पीछे हो गए हैं। किसी भी बिल्डर की तरफ से फिलहाल फ्लैट मालिक को पजेशन मिलता नहीं दिख रहा है।

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खरीदार दोहरी मार झेलते हुए किराये पर रहकर फ्लैटों की किस्त समय पर अदा कर रहे हैं। साथ ही बिल्डर भी समय-समय पर अतिरिक्त पैसा मांगने का नोटिस भी थमा देते हैं। करीब एक लाख फ्लैटों को अब तक पजेशन मिल जाना चाहिए था।
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जिस तरह से तैयारी चल रही है, उससे लगता है कि अगले साल ही लोगों का सपना पूरा हो सकता है। हालांकि, एक बिल्डर दावा कर रहा है कि इसी दीवाली पर कुछ फ्लैटों का पजेशन देना शुरू कर दिया जाएगा।
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2009-10 में जब ग्रेनो वेस्ट के नाम से बिल्डरों ने प्रोजेक्ट लांच किए थे। उस समय निवेशकों को 2012 में पजेशन देने का वादा किया गया था। किसान आंदोलन और अन्य विवादों ने लंबे समय तक प्रोजेक्टों को आगे नहीं बढ़ने दिया, मगर विवाद निपटने के बाद भी काफी समय तक निर्माण की गति धीमी रही।

इसके चलते 2014 में जिन प्रोजेक्टों पर पजेशन मिल जाना चाहिए था, उनमें 2015 और 2016 में कब्जा देने की बात कही जा रही है। जबकि 2014 की दिवाली में ज्यादातर बिल्डरों ने फ्लैट देने की बात कही थी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी अता-पता नहीं

people are waiting for thier homes in noida.

फ्लैटों का निर्माण तो देरी से चल ही रहा है। साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी कुछ अता-पता नहीं है। ऐसा लगता है कि जैसे प्राधिकरण बिल्डरों को जमीन देने के बाद भूल गया हो। गोलचक्कर से गाजियाबाद की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग को छोड़ दें तो अंदरूनी सड़कें बदहाल हैं।

बिजली कहां से मिलेगी, इस पर किसी का ध्यान नहीं है। पजेशन मिलने के बाद पानी की सप्लाई कहां से होगी, इसके लिए भी कोई काम नहीं हो रहा। सुरक्षा के लिए थाने नहीं बन रहे। ट्रांसपोर्ट को लेकर भी कोई प्लानिंग फिलहाल नहीं दिख रही। इन बेसिक सुविधाओं के अभाव में किस तरह लोग रहे सकेंगे, यह एक बड़ा सवाल है।

क्रेडाई (बिल्डर संस्था) के सदस्य अशोक गुप्ता ने बताया समय पर पजेशन देना न सिर्फ खरीदार के नजरिए से, बल्कि बिल्डर के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। क्रेडाई की यही कोशिश रही है कि बिल्डर ने अपने निवेशकों को जो समय सीमा दी है, उस पर पजेशन दें। आगे भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेगा।

25 लाख की आबादी है प्रस्तावित

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ग्रेनो वेस्ट में छोटे-बड़े करीब 150 बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं। इनमें करीब साढ़े तीन लाख फ्लैट बनने हैं। मास्टर प्लान 2031 के मुताबिक यहां पर 25 लाख की आबादी प्रस्तावित है। बुकिंग का काम करीब दो लाख के आसपास हो चुका है।

जब से किसान और कोर्ट में विवाद शुरू हुए हैं, तब से ग्रेनो वेस्ट में बुकिंग का काम फिलहाल बहुत ही धीमी गति से हो रहा है। लोग जाकर बातचीत तो करते हैं लेकिन कहीं कोर्ट का निर्णय तो कहीं किसानों का प्रदर्शन और कहीं निवेशकों का धरना प्रदर्शन देखकर पीछे हट जाते हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि ग्रेनो वेस्ट के चलते ही पूरा प्राधिकरण फंसा हुआ है। करीब चार हजार करोड़ का अतिरिक्त मुआवजा दिया जा चुका है, इसके बाद भी विवाद थमने के नाम नहीं ले रहे हैं।

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