गरीब महिला को सूचना न देने पर जुर्माना
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केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली सरकार के अधिकारी को सूचना न देने को लेकर कड़ा कदम उठाया है। सूचना आयोग ने दिल्ली की एक 70 साल की बुजुर्ग महिला की याचिका पर उसके पेंशन संबंधित जानकारी न देने वाले अधिकारी पर 25000 रुपयों का जुर्माना लगाया। साथ ही महिला को मुवावजे के तौर पर 5000 रुपये देने को भी कहा।
यही नहीं, सूचना आयुक्त श्रीधर अचारयुलू ने दिल्ली सरकार और महिला बाल विकास मंत्रालय को चेतावनी दी कि महीनेभर के भीतर अगर जानकारी नहीं दी जाती है, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों पर मुकदमा दायर किया जाएगा। अचारयुलू ने कहा कि अगर उस गरीब महिला का पेंशन रोके जाने की जानकारी विभाग जल्द जारी नहीं करता है, तो मजूबरन और भी कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि सीआईसी के निर्देशों का अनुपालन न करने पर दिल्ली सरकार के अधिकारी सरोज रावत आईपीसी की धारा 166 (लोक सेवक अवहेला कानून), धारा 187 (सहयाता देने के लिए बने कानून में सरकारी नौकर की ओर से हुई चूक) और धारा 188 (विधि के मुताबिक दिए गए निर्देशों का लोक सेवक द्वारा अवज्ञा) के तहत मुकदमा किया जा सकता है।
'गरीबों की सूचना न देना निराशाजन'
सूचना आयुक्त श्रीधर अचारयुलू ने कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि वे अधिकारी, जो कि जनता की सेवा के लिए नियुक्त किए गए हैं, वही गरीब लोगों की मदद नहीं रहे हैं। बस इसलिए कि वे गरीब लोग उनसे आरटीआई के तहत सूचनाए मांग रहे हैं, न कि सीधे आकर।
इस मामले में एक 70 वर्षीय गरीब महिला की पेंशन दिल्ली सरकार की ओर से बिना किसी सूचना के रोक दिया गया है। दरअसल, सरकार ने निर्णय लिया है कि अब पेंशन सीधे बैंक खातों में नहीं डाली जाएगी। अब पेंशन पोस्ट ऑफिस से दिया जाएगा। इसके लिए सभी पेंशनरों को पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाना होगा।
लेकिन सूचना आयुक्त के मुताबिक उस बुजुर्ग महिला को इसकी किसी के द्वारा किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई है। इस वजह से उसने एक बैंक में खाता खुलवा लिया था। अब उसे पेंशन नहीं मिल पा रही है।