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Ghaziabad: 'प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न की जाए, खुले में न छोड़ें अवशेष', बकरीद से पहले डीसीपी ने दी हिदायत
Mon, 02 Jun 2025 07:22 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: श्याम जी.
Updated Mon, 02 Jun 2025 07:22 PM IST
सार
मसूरी में बकरीद के लिए थाना मसूरी में पीस कमेटी की बैठक हुई, जिसमें डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी ने स्वच्छता, प्रतिबंधित पशु कुर्बानी पर रोक और नाहल गांव के अपराधियों से न डरने की अपील की। ग्राम प्रधानों और मौलानाओं ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
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पीस कमेटी की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगामी बकरीद त्योहार को लेकर थाना मसूरी में एक पीस कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने लोगों से ईद के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी कतई न की जाए, कुर्बानी खुले स्थानों या सार्वजनिक रास्तों पर न हो और कुर्बानी के बाद पशुओं के अवशेष खुले में न छोड़े जाएं, बल्कि ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित स्थान पर ही निपटान किया जाए।
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डीसीपी ने नाहल गांव की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वहां लगभग 50 हिस्ट्रीशीटरों के अलावा 300 अपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं, जिन्होंने गांव के माहौल को खराब कर रखा है। उन्होंने कहा कि ये लोग अब गांव छोड़कर भाग गए हैं, लेकिन जहां भी रहेंगे अपराध में ही लिप्त रहेंगे। उन्होंने आम लोगों से न डरने और बेझिझक अपने घरों को लौटने तथा त्योहार को परिवार के साथ हर्षोल्लास से मनाने की अपील की।
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बैठक में मसूरी, नाहल, ढ़बारसी, कुशलिया, कल्लूगढ़ी, बड़का, सिकरोड़ा, निडौरी आदि गांवों के प्रधान, गणमान्य व्यक्ति और मस्जिदों के मौलाना उपस्थित रहे।
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