एलान : 200 करोड़ मुआवजे की राशि एक सप्ताह में न मिली तो किसान देंगे धरना
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आईएमटी चंदावली में एक बार फिर मुआवजा को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सात माह बीत जाने के बावजूद अभी तक हरियाणा औद्योगिक संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने बढ़ा मुआवजा किसानों को नहीं दिया है।
इससे किसानों में नाराजगी बढ़ने लगी है। मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को किसानों ने उद्योग मंत्री विपुल गोयल को एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में विभाग को मुआवजा देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
बता दें इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन (आईएमटी) को विकसित करने के लिए एचएसआईआईडीसी ने 2008 में सोतई, मुजैड़ी, नवादा, मच्छगर, ऊंचा गांव और चंदावली की करीब 1832 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी।
विभाग ने 16 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया था
इन आदेशों के तहत विभाग ने किसानों से कहा था कि जैसे-जैसे किसानों की अदालत में तिथि होगी, उसी के अनुसार मुआवजा दे दिया जाएगा। जुलाई 2016 तक सभी किसानों को मुआवजा देने का वायदा किया गया।
इस वायदे के अनुसार कुछ किसानों को तो मुआवजा दे दिया, लेकिन अभी भी विभाग को 200 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में देने हैं। किसान बार-बार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। परेशान होकर किसानों ने सोमवार को आईएमटी किसान संघर्ष समिति चंदावली के प्रधान रामनिवास नागर के नेतृत्व में उद्योग मंत्री विपुल गोयल को ज्ञापन दिया।
किसानों ने कहा, हर हालत में चाहिए अपना मुआवजा
किसानों ने कहा है कि उन्हें मुआवजा एक सप्ताह में विभाग दे दे, वरना वह धरना शुरू कर देंगे। ज्ञापन की प्रति उपायुक्त समीरपाल सरों, अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र दहिया, एसडीएम पार्थ गुप्ता, बल्लभगढ़ पुलिस उपायुक्त भूपेंद्र सिंह को भी दी गई है।
इस मौके पर समिति प्रवक्ता गिर्राज धनखड़, जीतराम फोरमैन चंदावली, कुलदीप यादव, पंडित लखीराम, कन्हैया, चौधरी धर्मवीर, रणवीर, मुजैड़ी से मास्टर कर्मवीर और जगदीश आदि अनेक किसान मौजूद थे।