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मलवा, गंदगी और लाशों का डंपिंग स्टेशन बन गया है शहर का ये हिस्सा

Fri, 10 Jun 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Fri, 10 Jun 2016 01:38 AM IST
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part of the city became Debris, dirt and dumping station of corpses
सरस्वती कुंज - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव

656 एकड़ में बसने वाली सरस्वती कुंज सोसायटी की जमीन किसानों से 1990 में ही खरीदनी शुरू की गई थी। विवादों में फंसने के चलते यहां रहने वाले सड़क, पानी और सीवर की परेशानी झेल रहे हैं। सोसायटी का जो हिस्सा नहीं विकसित हुआ। वह कूड़ा घर में तब्दील है।

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वजीराबाद के झुग्गी माफियाओं का जमीन पर कब्जा है। सोसायटी की बहुत सी जमीन पर अभी भी गांव वालों का कब्जा है। इस समस्या के हल के लिए प्रदेश सरकार ने शर्मा आयोग का गठन किया है। अब इसका नतीजा क्या निकलेगा?
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यह तो आयोग की रिपोर्ट से ही साफ होगा, मगर लोगों की उम्मीद है कि शायद देर से जागी सरकार की इस पहल से कोई सार्थक नतीजा निकलें।  शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने पूरे परिसर का भ्रमण किया। पेश है अमर उजाला संवाददाता मयंक तिवारी और फोटोग्राफर दिनेश कुमार की लाइव रिपोर्ट।
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समय- 12: 30 बजे।
स्थान- सरस्वती कुंज सोसायटी फेस चार
वजीराबाद गांव से सटे इस सेक्टर में पूरी कालोनी में प्लाट खाली पड़े हैं। यहां पर प्लाट पर कब्जा कर लोगों ने भवन बनाने की सामाग्री बेचने की दुकान कर रखी है। पांच-छह लोग यहां बैठे हैं। बस इसी बात की चर्चा हो रही है कि आयोग के गठन के बाद क्या लोगों को न्याय मिलेगा अथवा जांच ही चलती रहेगी।

समय- 1: 19 बजे।
स्थान- सरस्वती कुंज सोसायटी फेस दो
यहां पर सड़क तो बनी थी पर कहां गई यह किसी को नहीं पता है। कलोनाईजर की ओर से बिजली के पोल लगाये गए हैं। जो इस बात का संकेत देते हैं कि 20 साल पहले इसे कितना खूबसूरत बनाने की योजना थी। आगे जाकर एक तालाब व झाड़ी है। जहां पर लोग वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने का काम करते हैं।


समय-2:05 बजे
स्थान- सरस्वती कुंज फेस वन
गोल्फ कोर्स रोड के किनारे बसे इस हिस्से को फेस वन के रूप में जाना जाता है। यहां पर भवन बहुत से रसूखदार लोगों के हैं। जिसमें गेस्ट हाउस व अन्य व्यवसायिक गतिविधियां चल रही है। सड़क टूटी हुई है। सड़क की मरम्मत का कोई मद ही नहीं है। लोगों ने आरडब्ल्यूए का गठन कर रखा है। जो समस्याओं को हल कराने का वीणा तो उठा रख पर हुआ कुछ नहीं है।

इसे भी जानें...
1985 से सोसायटी के सदस्य बनना शुरू हुये थे।
2001 में प्लॉट होल्डर की रजिस्ट्री चालू हुई।
सोसायटी में लगभग साढ़े 11 हजार सदस्य हैं।
12 जून को सोसायटी का चुनाव होने वाला है।
चुनाव के लिए 2700 लोगों की लिस्ट आई है।
2004 में सोसायटी भंग हुई थी प्रशासक की नियुक्ति हुई थी।
सरस्वती कुंज सोसायटी का नक्शा नहीं पास हुआ।
जिससे यहां बिजली, पानी, सड़क और सीवर की समस्या है।

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