जंतर-मंतर पर दिखा अभिभावकों का निजी स्कूलों के खिलाफ आक्रोश
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इसके बाद राष्ट्रपति भवन व हरियाणा भवन तक मार्च निकाला गया। जहां निजी स्कूलों के खिलाफ राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम ज्ञापन दिया गया। इसमें निजी स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस वापस कराने की मांग की गई है। यह प्रदर्शन ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में किया गया।
जंतर-मंतर पर बैठक व प्रदर्शन का दौर सुबह 10.00 बजे से शुरू होकर दोपहर करीब 3 बजे तक चला। ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन के महासचिव भूपेंद्र का कहना है कि बैठक में निजी स्कूलों द्वारा फीस व अन्य शुल्क बढ़ाने, अभिभावकों को परेशान करने व बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसमें यह तय किया गया है कि अभिभावक अब आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश राणा ने कहा कि निजी स्कूल पूरे देश में इस प्रकार का माहौल बना रहा है कि कोई अपने बच्चों को पढ़ा नहीं सके। जिनके दो या तीन बच्चे हैं उसकी तो स्थिति काफी खराब है।
इसके बाद अभिभावकों ने हरियाणा भवन की ओर कूच किया और वहां पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। अंत में सभी राष्ट्रपति भवन पहुंचे, वहां भी ज्ञापन दिया। सोमवार को एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल पीएमओ व दिल्ली के मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन देगा।
निजी स्कूलों की बढ़ी फीस पर लगे स्टे
अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि जब तक निजी स्कूलों की मनमानी करने के मामले की जांच नहीं हो जाती तब तक बढ़ी फीस पर स्टे लगा दिया जाए। जिससे अभिभावक पुरानी फीस अदा कर अपने बच्चों को पढ़ा सकें।
इसके लिए सभी ने सात दिन का समय दिया है। अगर इन दिनों में स्कूलों की मनमानी नहीं रुकी तो हर स्कूल के सामने शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री का पुतला जलाया जाएगा। अभिभावक मनदीप का कहना है कि गुरुग्राम के निजी स्कूलों का मन काफी बढ़ गया है।
वह तो अभिभावकों को सीधी धमकी देने लगे हैं। अब समय आ गया है जब भारत सरकार व हरियाणा की मनोहर सरकार को निजी स्कूलों पर एक्शन लेना होगा। अगर ऐसा नहीं होगा तो देश भर के अभिभावक वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा को सबक सिखा देंगे।
कई राज्यों के प्रतिनिधि भी आए
जंतर-मंतर पर गुरुग्राम व फरीदाबाद से करीब 750 लोग आए थे। इसके साथ ही तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात व कुछ अन्य राज्यों के भी प्रतिनिधि आए थे।