{"_id":"69bc5ae41a92f66df20a9f9d","slug":"palam-fire-mother-and-daughter-died-due-to-burns-and-other-members-died-due-to-suffocation-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palam Fire: मां-बेटी की झुलसने से हुई मौत और बाकी सदस्यों की दम घुटने से गई जान, पोस्टमॉर्टम से हुआ खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palam Fire: मां-बेटी की झुलसने से हुई मौत और बाकी सदस्यों की दम घुटने से गई जान, पोस्टमॉर्टम से हुआ खुलासा
Fri, 20 Mar 2026 01:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:52 AM IST
सार
पोस्टमार्टम के दौरान पता चला है कि राजेंद्र कश्यप की बुजुर्ग पत्नी लाडो देवी और बेटी हिमांशी की आग में झुलसने से मौत हुई जबकि परिवार के बाकी सात सदस्यों की जान धुएं में दम घुटने से गई।
विज्ञापन
Delhi Palam Fire
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को ही पालम हादसे जान गंवाने वाले 9 लोगों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के हवाले कर दिए थे। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला है कि राजेंद्र कश्यप की बुजुर्ग पत्नी लाडो देवी और बेटी हिमांशी की आग में झुलसने से मौत हुई जबकि परिवार के बाकी सात सदस्यों की जान धुएं में दम घुटने से गई।
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान डीडीयू अस्पताल के डॉक्टरों ने यह जानकारी दी है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि डिटेल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सभी की मौत की असल वजह पता चल पाएगी। इसके एक सप्ताह में आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साध नगर की जिस इमारत में हादसा हुआ उसके बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर कामर्शियल गतिविधि हो रही थीं। दूसरी और तीसरी मंजिल पर राजेंद्र कश्यप का परिवार रहता था।
विज्ञापन
बुधवार को जब आग लगी तो दूसरी मंजिल पर लाडो देवी, बेटी हिमांशी और सचिन फंस गए। तीसरी मंजिल पर दूसरे बेटों के परिवार थे। आग नीचे से ऊपर की ओर बढ़ रही थी। सचिन ने किसी तरह पड़ोसी की छत पर कूदकर अपनी जान बचा ली। इसी बीच आग दूसरी मंजिल तक पहुंच गई तो रास्ता नहीं होने से लाडो और हिमांशी फंस गई और उनकी जलकर मौत हो गई।
आग तीसरी मंजिल तक पहुंचती उससे पहले उसको काबू कर लिया गया। हालांकि तीसरी मंजिल पर पूरी तरह धुआं भर चुका था, जिसकी वजह से वहां मौजूद लोगों का भी धुएं से दम घुट गया। लाडो और हिमांशी के शव बुरी तरह जली अवस्था में दूसरी मंजिल से निकाले गए।
परिवार के अन्य 7 सदस्यों के शव तीसरी मंजिल से दमकल कर्मियों ने निकाले। हादसे में सुनील का परिवार बच गया। वह भी माता-पिता के साथ दूसरी मंजिल पर रहता था। हादसे के समय वह परिवार के साथ शिमला गया हुआ था। एक साथ परिवार के नौ लोगों की मौत के बाद बाकी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।