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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Packed metro, waiting at bus stops commuters hassled.

Delhi NCR News: मेट्रो में खचाखच भीड़, बस स्टॉप पर इंतजार, यात्री परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 08:31 PM IST
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दिहाड़ी न मिलने से करीब एक चौथाई बस चालक काम पर लौटे, फिर भी परेशानी बरकरार
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में निजी ऑपरेटरों के तहत डीटीसी बसों में तैनात चालकों की हड़ताल मंगलवार को नौवें दिन पहुंच गई। लंबे समय तक हड़ताल चलने और परिवार का खर्च प्रभावित होने के कारण कई चालक अब काम पर लौटने लगे हैं। हालांकि, बसों की कमी का असर राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर साफ दिखाई दिया। मंगलवार को मेट्रो में जबरदस्त भीड़ रही, जबकि प्रमुख बस स्टॉप पर यात्री बसों का इंतजार करते नजर आए।
कामकाजी दिन होने और सभी कार्यालय खुले रहने के कारण सोमवार और मंगलवार को बड़ी संख्या में लोगों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का सहारा लिया। डीटीसी की करीब 25 से 30 प्रतिशत बसें ही सड़कों पर चलने से प्रमुख बस स्टॉप पर यात्रियों की भीड़ रही। रेलवे स्टेशन, मंडी हाउस, रोहिणी, करोल बाग, चांदनी चौक, पटेल चौक, जहांगीरपुरी, बुराड़ी, लक्ष्मी नगर और पांडव नगर समेत कई स्थानों पर सुबह और शाम के पीक ऑवर में यात्रियों को आधे घंटे से अधिक समय तक बसों का इंतजार करना पड़ा। दोपहर में भी कई स्थानों पर यात्रियों की भीड़ नजर आई।
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दोपहर तक मेट्रो में रही भीड़
बसों की कमी का सबसे अधिक असर मेट्रो पर दिखाई दिया। मंगलवार को सुबह और शाम के पीक ऑवर में मेट्रो में भारी भीड़ रही। दोपहर बाद भी कई रूट पर यात्रियों की संख्या अधिक रही और ट्रेनें ठसाठस भरी नजर आईं। यलो लाइन पर गुरुग्राम रूट तथा ब्लू लाइन पर नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी से द्वारका के बीच यात्रियों की अधिक भीड़ रही। अन्य रूट पर भी मेट्रो में बड़ी संख्या में यात्रियों ने सफर किया। ऐसे में अनुमान है कि सोमवार और मंगलवार को मेट्रो में यात्रियों की संख्या नया रिकॉर्ड बना सकती है।
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परिवार चलाने के लिए काम करना मजबूरी
शुरुआत में तीन-चार दिन हड़ताल पर रहे, लेकिन दिल्ली में परिवार चलाने के लिए अब काम पर लौटना मजबूरी है। अधिकतर चालक बाहर से आते हैं। लंबे समय तक हड़ताल पर रहने से गुजारा नहीं हो सकता।


-अलीशेर, चालक
सरकार के आश्वासन पर करना पड़ेगा विश्वास
868 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी मिलती है। दिल्ली में रहकर इतने में परिवार का गुजारा मुश्किल है। हड़ताल की थी, लेकिन लंबे समय तक हड़ताल चलने से परिवार के खर्च पर असर पड़ रहा था। सरकार ने कुछ बेहतर होने का आश्वासन दिया है, इसलिए काम पर लौटना पड़ा।

-सचिन, चालक
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