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Delhi NCR News: आईपीओ स्कैम, डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिये 1.22 करोड़ से ज्यादा की ठगी
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने तीन अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने तीन अलग-अलग मामलों में आईपीओ स्कैम, डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिये 1.22 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी के पैसे को इधर-उधर करते और उन्हें संभालने का काम करते थे।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि ठगी की मामला 30 मई को दर्ज हुआ था। दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी ने शिकायत दी की उनसे निवेश के बहाने 46.66 लाख की ठगी की गई थी। जांच के बाद पता चला कि 6.71 लाख रुपये सूरत, गुजरात में स्थित राधे ऑटोमोटिव एंड डिटेलिंग के बैंक खाते में भेजे गए थे। इसके बाद खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता आरोपी राजेश रत्नभाई हाडिया को सूरत से गिरफ्तार किया गया। दूसरे मामले में 14 अप्रैल, 2026 को दर्ज दूसरे मामले धोखेबाजों ने मुंबई क्राइम ब्रांच, सीबीआई, ईडी, ट्राई और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए शिकायतकर्ता को लंबे समय तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। आरोपियों ने जाली एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट और ईडी के नकली दस्तावेज़, मनगढ़ंत गिरफ़्तारी वारंट और शिकायतकर्ता के आधार कार्ड के गलत इस्तेमाल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप दिखाकर डर पैदा किया और 36.19 लाख रुपये ठग लिए। वहीं तीसरे मामले में अपराध शाखा के साइबर सेल में 9 नवंबर, 2025 को दर्ज तीसरे मामले में गगन विहार एक्सटेंशन निवासी पीड़ित ने एक नकली फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले में 40.12 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दी थी। उनको भी निवेश के बहाने फंसाया गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने तीन अलग-अलग मामलों में आईपीओ स्कैम, डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिये 1.22 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी के पैसे को इधर-उधर करते और उन्हें संभालने का काम करते थे।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि ठगी की मामला 30 मई को दर्ज हुआ था। दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी ने शिकायत दी की उनसे निवेश के बहाने 46.66 लाख की ठगी की गई थी। जांच के बाद पता चला कि 6.71 लाख रुपये सूरत, गुजरात में स्थित राधे ऑटोमोटिव एंड डिटेलिंग के बैंक खाते में भेजे गए थे। इसके बाद खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता आरोपी राजेश रत्नभाई हाडिया को सूरत से गिरफ्तार किया गया। दूसरे मामले में 14 अप्रैल, 2026 को दर्ज दूसरे मामले धोखेबाजों ने मुंबई क्राइम ब्रांच, सीबीआई, ईडी, ट्राई और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए शिकायतकर्ता को लंबे समय तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। आरोपियों ने जाली एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट और ईडी के नकली दस्तावेज़, मनगढ़ंत गिरफ़्तारी वारंट और शिकायतकर्ता के आधार कार्ड के गलत इस्तेमाल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप दिखाकर डर पैदा किया और 36.19 लाख रुपये ठग लिए। वहीं तीसरे मामले में अपराध शाखा के साइबर सेल में 9 नवंबर, 2025 को दर्ज तीसरे मामले में गगन विहार एक्सटेंशन निवासी पीड़ित ने एक नकली फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले में 40.12 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दी थी। उनको भी निवेश के बहाने फंसाया गया था।
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