आउटकम बजट दिल्ली सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि : सिसोदिया
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दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया का मानना है कि सत्ता में आने के बाद से पिछले करीब साढ़े चार साल की सबसे बड़ी उपलब्धि आउटकम बजट को सफलतापूर्वक लागू करने की रही।
साथ ही दावा भी किया कि भविष्य में 10-20 साल जब भी शासनिक सुधारों की बात होगी तो दिल्ली सरकार के आउटकम बजट को आधार रेखा के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। सिसोदिया शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में 2019-20 की आउटकम बजट रिपोर्ट जारी करते वक्त बोल रहे थे।
कार्यक्रम का आयोजन डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन (डीडीसी) ने किया था। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी विभाग को रकम आवंटित करते वक्त यह पूछना कि वह इसे कहां खर्च करेगा, आसान नहीं होता।
पहले कहा जाता था कि विभाग को स्कूल में लाइब्रेरी और किताब खरीदने के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट चाहिए। इस पर योजना विभाग लाइब्रेरी व किताबों की संख्या पूछ लेता था। लेकिन आउटकम बजट में विभाग को यह भी बताना पड़ता है कि लाइब्रेरी में कितने बच्चे पढ़ेंगे।
हर स्कीम का सटीक आंकड़ा देगी दिल्ली सरकार
मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली की लीडरशिप कागजों में कैद रिपोर्ट से संतुष्ट होने वाली नहीं है। इस रिपोर्ट में सरकार की हर स्कीम और हर प्रोग्राम का जनता को कैसे और कितना लाभ हुआ, इसका सटीक आंकड़ा भी देगी।
दूसरी तरफ डीडीसी के उपाध्यक्ष जास्मिन शाह ने बताया कि 2018 में दिल्ली सरकार ने 1900 सूचकांकों पर आधारित पहली आउटकम रिपोर्ट पेश की थी। आउटकम रिपोर्ट में इसकी संख्या 3,000 हो गई है। इससे यह पता चलेगा कि अगर किसी नीति का आउटकम खराब है तो वह किन सूचकांकों पर कम प्रदर्शन कर रही है।
इसके आधार पर उसमें सुधार भी संभव होगा। दिल्ली में पारदर्शिता और जनता की तरफ जवाबदेही तय की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय स्तर पर आने वाले दिनों में चर्चा होगी।