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पकड़े नहीं जा रहे फर्जी कॉल सेंटरों के संचालक, पुलिस की छापेमारी पर मिलीभगत के उठने लगे सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 02 Nov 2018 04:28 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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फर्जी कॉल सेंटर पर शिकंजा कसने में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। छापेमारी कर पुलिस कर्मचारियों को तो गिरफ्तार कर रही है, लेकिन संचालक आसानी से फरार हो जा रहे हैं। एक पखवाड़े के दौरान नोएडा में पुलिस ने छह से अधिक फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी की है, लेकिन इनमें केवल एक कॉल सेंटर के संचालक ही गिरफ्तार हुए हैं।
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दरअसल, पुलिस और साइबर सेल की टीमों ने मिलकर हाल ही में सेक्टर-2, 6, 15, 63 में चल रहे कॉल सेंटरों में छापेमारी की। यहां नौकरी, होली डे पैकेज, विदेशी नागरिकों को टैक्स में छूट दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही थी। इन कॉल सेंटर के संचालक भी नोएडा में ही रहते हैं। इसके बाद भी सेक्टर-63 के कॉल सेंटर के संचालक अभिषेक भारद्वाज और राजेंद्र कृपाल सिंह को छोड़कर बाकी कोई पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। सेक्टर-15 में होली डे पैकेज के नाम पर चल रहे कॉल सेंटर से भी संचालक को पकड़ा गया था, लेकिन इसका भी मुख्य संचालक कोई और है।
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दो कॉल सेंटर पर छापे, 12 हिरासत में
पुलिस व साइबर सेल ने बृहस्पतिवार को सेक्टर-63 और सेक्टर-2 में दो कॉल सेंटरों पर छापेमारी की। इसमें सेक्टर-63 में चल रहा कॉल सेंटर जांच में सही पाया गया जबकि सेक्टर-2 वाला कॉल सेंटर फर्जी निकला। इसके बाद कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने वहां से काम करने वाले करीब 12 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया है और कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल बरामद किए हैं।
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स्थानीय एसएचओ को नहीं दी गई जानकारी
बुधवार को सेक्टर-63 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर की सूचना पुलिस के उच्च अधिकारी को मिली थी, लेकिन स्थानीय एसएचओ फेज थ्री के प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी को नहीं भेजा गया। उन्हें जानकारी भी नहीं दी गई। फेज थ्री थाना क्षेत्र में कॉल सेंटर को पकड़ने की जिम्मेदारी एसएचओ सेक्टर-24 मनोज पंत को दे दी गई। यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिरकार स्थानीय एसएचओ को जानकारी क्यों नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि पुलिस की मिलीभगत से सेक्टर-63, 64, 65 में कई फर्जी कॉल सेंटर चल रहे हैं।
फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी के दौरान जो भी पकड़े जाते हैं। उनकी गिरफ्तारी होती है जो भी संचालक फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित होगी। इसके लिए भी पुलिस की टीम काम कर रही है। फर्जी कॉल सेंटर के संचालन में कुछ स्थानीय कोतवाल और पुलिसकर्मी के सहयोग की शिकायतें मिली हैं। इनकी जांच कराई जा रही है।
- डॉ. अजयपाल शर्मा, एसएसपी