{"_id":"354b9b1f008e49e03770e44843ce84ce","slug":"online-orders-for-lamps-of-clay-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी के दीयों के लिए करें ऑनलाइन ऑर्डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिट्टी के दीयों के लिए करें ऑनलाइन ऑर्डर
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 07 Nov 2015 01:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस दिवाली अक्षम और बेसहारा बच्चों के दीयों से अपना घर रोशन कर उनके भी जीवन में प्रकाश लाने को सोशल साइट्स पर अपील की जा रही है।
इसमें अलग-अलग संस्थाएं शामिल हैं, जिनके द्वारा दीये डिजाइन कराए जा रहे हैं। फेसबुक और व्हाट्स एप पर दीयों की बुकिंग की जा रही है।
शहर में कई संस्थाएं ऐसी हैं, जो बच्चों द्वारा दीये डेकोरेट करवाती हैं। इसके बाद इन दीयों को बेचकर उनके हित में खर्च करती हैं। संस्थाओं के साथ ही कई व्यक्तिगत लोग भी हैं जो यह काम कर रहे हैं।
इस बार इन संस्थाओं द्वारा बच्चों द्वारा तैयार किए गए रंग-बिरंगे दीयों की मार्केटिंग सोशल साइट पर की जा रही है। सोशल साइट पर संस्था का नाम और नंबर दिया जा रहा है, जिस पर लोग कॉल कर दीया बुक कर सकें।
भागीरथ सेवा संस्थान के स्पेशल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों द्वारा लंबे समय से दीया डिजाइन किया जा रहा है। संचालक अमिताभ शुक्ल ने बताया कि ग्राहक फिक्स हैं, लेकिन इस बार फेसबुक और वाट्सएप पर भी बच्चों के डिजाइन किए गए दीयों की बुकिंग की जा रही है।
विज्ञापन
प्रेरणा परिवार बाल आश्रम में रह रहे बच्चों द्वारा पहली बार दीया डिजाइन किया जा रहा है। आचार्य तरुण मानव ने बताया कि उनके आश्रम में यह प्रयास पहली बार किया गया है।
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा भी बच्चों के तैयार किए गए दीयों को ग्रुप में व्हाट्स एप कर बुकिंग ली जा रही है। मॉडल टाउन में सीनियर सिटीजन स्वदेश चड्ढा भी बच्चों को दीया डिजाइन कराना सिखा रही हैं।
विज्ञापन
इसमें अलग-अलग संस्थाएं शामिल हैं, जिनके द्वारा दीये डिजाइन कराए जा रहे हैं। फेसबुक और व्हाट्स एप पर दीयों की बुकिंग की जा रही है।
शहर में कई संस्थाएं ऐसी हैं, जो बच्चों द्वारा दीये डेकोरेट करवाती हैं। इसके बाद इन दीयों को बेचकर उनके हित में खर्च करती हैं। संस्थाओं के साथ ही कई व्यक्तिगत लोग भी हैं जो यह काम कर रहे हैं।
इस बार इन संस्थाओं द्वारा बच्चों द्वारा तैयार किए गए रंग-बिरंगे दीयों की मार्केटिंग सोशल साइट पर की जा रही है। सोशल साइट पर संस्था का नाम और नंबर दिया जा रहा है, जिस पर लोग कॉल कर दीया बुक कर सकें।
विज्ञापन
भागीरथ सेवा संस्थान के स्पेशल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों द्वारा लंबे समय से दीया डिजाइन किया जा रहा है। संचालक अमिताभ शुक्ल ने बताया कि ग्राहक फिक्स हैं, लेकिन इस बार फेसबुक और वाट्सएप पर भी बच्चों के डिजाइन किए गए दीयों की बुकिंग की जा रही है।
विज्ञापन
प्रेरणा परिवार बाल आश्रम में रह रहे बच्चों द्वारा पहली बार दीया डिजाइन किया जा रहा है। आचार्य तरुण मानव ने बताया कि उनके आश्रम में यह प्रयास पहली बार किया गया है।
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा भी बच्चों के तैयार किए गए दीयों को ग्रुप में व्हाट्स एप कर बुकिंग ली जा रही है। मॉडल टाउन में सीनियर सिटीजन स्वदेश चड्ढा भी बच्चों को दीया डिजाइन कराना सिखा रही हैं।