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टकराव की राजनीति नहीं चाहते पर क्या करें?
भूपेंद्र कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 12 Feb 2016 12:29 PM IST
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अरविंद केजरीवाल ने आप सरकार के एक साल पूरे होने पर सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की, उनका कहना था कि जिन वादों के साथ सरकार एक साल पहले बनी थी, उन्हें पूरा करने की कोशिश है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर एक साल में सरकार का ध्यान रहा, हालात बेहतर भी हुए हैं, बिजली, पानी और सड़क जैसे मुद्दों पर लगातार काम हो रहा है।
भूपेंद्र कुमार की रिपोर्ट :
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल साफ कहते हैं, हमें प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्र सरकार से कोई बैर नहीं है, लेकिन अगर किसी राज्य के चुने हुए मुख्यमंत्री के कार्यालय में सीबीआई छापा मारने और सुरक्षा बलों को तैनात करने जैसे फैसले होते हैं तो क्या हम खामोश रहें? अगर अपनी बात रखें तो वह टकराव की राजनीति हो जाती है।
स्वास्थ्य सेवाएं : पैसे की कमी नहीं बस नीयत अच्छी होनी चाहिए
पिछले 20 साल में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बद से बदतर होता चला गया। आप सरकार ने हालात को पिछले एक साल में बदला है। पहली फरवरी से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाएं मुफ्त मिल रही हैं। सरकार की यह बेहद महत्वकांक्षी योजना है।
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केजरीवाल ने कहा कि मुफ्त दवाओं का प्रावधान तो पहले भी था, लेकिन मिलती नहीं थीं या चोरी हो जाती थीं। दिल्ली सरकार ने अस्पताल में 50 टेस्ट भी मुफ्त किए हैं।
उन्होंने कहा कि यूजर चार्ज के नाम पर टेस्ट के लिए कुछ पैसे लिए जाते थे, उन्हें इकट्ठा करने में मूल से ज्यादा रकम खर्च हो जाती थी। दिल्ली में तीन स्तर के अस्पताल हैं।
मोहल्ला, पॉली क्लिनिक और सुपर स्पेशियलिटी। अभी तक लोग मामूली इलाज के लिए भी एम्स दौड़ते थे। 1000 मोहल्ला क्लिनिक खोले जाएंगे जहां मामूली रोगों की दवा उपलब्ध होगी। अगले साल 150 पॉली क्लिनिक शुरू हो जाएंगे। ऐसे 22 क्लिनिक तैयार हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और परिवहन मंत्री गोपाल राय के साथ मीडिया से मुखातिब हुए। सीएम का कहना है कि पिछली सरकारों ने कंपनियों से महंगे रेट पर 30 साल तक के करार कर रखे हैं इससे हमें बिजली महंगी मिल रही है।
स्टाक एक्सचेंज पर जाएं तो बिजली डेढ़ से दो रुपया यूनिट है। हमें यह साढ़े चार रुपये में मिल रही है। केंद्र सरकार से एग्रीमेंट को रद्द करने के लिए कहा पर कुछ हुआ नहीं।
हेल्थ कार्ड : दिल्ली सरकार हेल्थ कार्ड पर काम कर रही है जिसमें आपकी सारी मेडिकल हिस्ट्री दर्ज रहेगी। इसे आप अपने पास ही रखेंगे। एक साल में 25 लाख लोगों को मुफ्त चश्मा देने के लिए मोबाइल वैन भी चला रही है। 2017 तक सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या दो गुनी करने की तैयारी है।
शिक्षा : स्कूलों में एस्टेट मैनेजर नियुक्त किए
केजरीवाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों की बुरी हालत थी। सरकार ने सबसे पहले इस दिशा में फोकस किया। एक साल में 100 स्कूलों में बालिका शौचालय और पेयजल उपलब्ध कराया है। 54 सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है।
सबसे ज्यादा जरूरी अध्यापकों का प्रशिक्षण है। प्राचार्य सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दे सकें इसके लिए स्कूलों में एस्टेट मैनेजर नियुक्त किए गए हैं जो रखरखाव का ध्यान रखेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है। इसके लिए कौशल विकास विश्वविद्यालय और खेल विश्वविद्यालय की तैयारी है।
हार्वर्ड, कैंब्रिज और आईआईएम देंगे ट्रेनिंग
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को प्रशिक्षण देने के लिए हार्वर्ड और कैंब्रिज विश्वविद्यालय तथा आईआईएम अहमदाबाद और इंदौर से बात की जा रही है। अध्यापकों को प्रशिक्षण मिलेगा तो वे बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ा पाएंगे।
1 क्लास रूम में 164 बच्चे
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि वे एक क्लास रूम में 164 बच्चे देखकर हैरान रह गए थे। इस तरह कैसे पढ़ाई हो सकती है। सरकार ने एक साल में स्कूलों की 25 नई इमारतें बनाई हैं और 63 पर काम चल रहा है।
एमसीडी : भ्रष्टाचार है समस्या की जड़
क्या दिल्ली नगर निगम को तीन भागों में बांटा जाना गलत था? इन्हें एक कर दिया जाए तो समस्या हल हो सकती है? इस पर अरविंद केजरीवाल का कहना था कि वह इससे सहमत नहीं हैं। एमसीडी की समस्या भ्रष्टाचार है, पूर्वी दिल्ली नगर निगम को साल में 12 करोड़ रुपये होर्डिंग से आय होती है।
एक होर्डिंग 50 हजार से तीन लाख रुपये में लगता है। इस इलाके में आप सैकड़ों होर्डिंग लगे देखेंगे, यह सब पैसा भ्रष्ट नेताओं की जेब में चला जाता है। इसी तरह पार्किंग की रकम में भी भारी हेराफेरी है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आप सरकार के एक साल पूरे होने पर कहा, भ्रष्टाचार से जंग जारी रहेगी शिक्षा, स्वास्थ्य पर साल भर फोकस रहा
सम विषम: कार पूलिंग में लोगों की बढ़ी दिलचस्पी
आंकड़ों का विश्लेषण किया गया तो पता चला कि मेट्रो में सिर्फ 0.4 फीसदी ज्यादा लोगों ने यात्रा की। अब सरकार की योजना बसों को बढ़ाने की है। इस साल अप्रैल में 1000 नई बसें आएंगी और अगस्त तक एक हजार और बसें आएंगी।
दिसंबर में 1000 प्रीमियम बसों को लाने की योजना है। इसमें जितनी सीटें उतने ही लोगों को टिकट दी जाएगी, यानी कोई खड़ा होकर नहीं जाएगा।
केजीरवाल ने बताया कि लोगों ने कार पूलिंग में ज्यादा रुचि ली है इससे अगली बार सम विषम योजना को लागू करना आसान होगा। दिल्ली में बसें और कारें बेहतर तरीके से चल सकें इसके लिए एलीवेटेड कॉरीडोर की संख्या बढ़ाई जाएगी।
325 करोड़ का फ्लाईओवर 200 करोड़ में बना
केजरीवाल ने उदाहरण दिया कि पिछले दिनों हमने एक फ्लाईओवर का उद्घाटन किया था। पिछली कांग्रेस सरकार ने इसके लिए 325 करोड़ रुपये तय किए थे, लेकिन हमारी सरकार ने सिर्फ 200 करोड़ रुपये में इसे बना दिया।
नहीं डूबा जल बोर्ड
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिस समय आप सरकार ने 20 हजार लीटर मुफ्त पानी दिल्ली वासियों को देने का एलान किया था, विरोधियों ने कहा था ऐसे तो जलबोर्ड डूब जाएगा।
जल बोर्ड इस साल अब तक 176 करोड़ का राजस्व अर्जित कर चुका है। अब हमारी तैयारी पाइप से पेयजल घरों तक पहुंचाने की है। इसे पानी को आरओ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
केजरीवाल कहते हैं मेरा काम निगरानी रखने का है। मैं सभी मंत्रियों के कामकाज की सप्ताह में एक बार समीक्षा करता हूं और देखता हूं सब कुछ सुचारू रहे। किसी एक विभाग की जिम्मेदारी लेने से शायद सब विभागों पर नजर रखना संभव नहीं हो पाता।
औरंगजेब रोड का नाम बदलना गलत नहीं
केजरीवाल ने कहा कि एनडीएमसी की बैठक में जब दिल्ली की औरंगजेब रोड का नाम बदलकर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखने का प्रस्ताव आया तो किसी ने विरोध नहीं किया।
कलाम बड़े विज्ञानी थे उनके नाम से सड़क का नामकरण करना कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने कहा हम किसी सड़क का नाम नहीं बदलने जा रहे हैं।
आप आदमी पार्टी कैंटीन- 10 से 15 रुपये में एक टाइम का खाना
फ्री वाई फाई- दो माह में माडल तैयार हो जाएगा
मिड डे मील- इसके लिए अक्षय पात्र संस्था से बातचीत
मल्टी लेवल पार्किंग- सराय काले खां, द्वारका और आनंद विहार आईएसबीटी में
सड़कों का डिजाइन - खराब डिजाइन से लगता है जाम इन्हें दुरुस्त किया जाएगा
अतिक्रमण पर कार्रवाई - सड़कों पर जगह बनेगी और बसें आराम से चल सकेंगी
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शिक्षा और स्वास्थ्य पर एक साल में सरकार का ध्यान रहा, हालात बेहतर भी हुए हैं, बिजली, पानी और सड़क जैसे मुद्दों पर लगातार काम हो रहा है।
भूपेंद्र कुमार की रिपोर्ट :
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल साफ कहते हैं, हमें प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्र सरकार से कोई बैर नहीं है, लेकिन अगर किसी राज्य के चुने हुए मुख्यमंत्री के कार्यालय में सीबीआई छापा मारने और सुरक्षा बलों को तैनात करने जैसे फैसले होते हैं तो क्या हम खामोश रहें? अगर अपनी बात रखें तो वह टकराव की राजनीति हो जाती है।
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स्वास्थ्य सेवाएं : पैसे की कमी नहीं बस नीयत अच्छी होनी चाहिए
पिछले 20 साल में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बद से बदतर होता चला गया। आप सरकार ने हालात को पिछले एक साल में बदला है। पहली फरवरी से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाएं मुफ्त मिल रही हैं। सरकार की यह बेहद महत्वकांक्षी योजना है।
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केजरीवाल ने कहा कि मुफ्त दवाओं का प्रावधान तो पहले भी था, लेकिन मिलती नहीं थीं या चोरी हो जाती थीं। दिल्ली सरकार ने अस्पताल में 50 टेस्ट भी मुफ्त किए हैं।
उन्होंने कहा कि यूजर चार्ज के नाम पर टेस्ट के लिए कुछ पैसे लिए जाते थे, उन्हें इकट्ठा करने में मूल से ज्यादा रकम खर्च हो जाती थी। दिल्ली में तीन स्तर के अस्पताल हैं।
मोहल्ला, पॉली क्लिनिक और सुपर स्पेशियलिटी। अभी तक लोग मामूली इलाज के लिए भी एम्स दौड़ते थे। 1000 मोहल्ला क्लिनिक खोले जाएंगे जहां मामूली रोगों की दवा उपलब्ध होगी। अगले साल 150 पॉली क्लिनिक शुरू हो जाएंगे। ऐसे 22 क्लिनिक तैयार हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और परिवहन मंत्री गोपाल राय के साथ मीडिया से मुखातिब हुए। सीएम का कहना है कि पिछली सरकारों ने कंपनियों से महंगे रेट पर 30 साल तक के करार कर रखे हैं इससे हमें बिजली महंगी मिल रही है।
स्टाक एक्सचेंज पर जाएं तो बिजली डेढ़ से दो रुपया यूनिट है। हमें यह साढ़े चार रुपये में मिल रही है। केंद्र सरकार से एग्रीमेंट को रद्द करने के लिए कहा पर कुछ हुआ नहीं।
हेल्थ कार्ड : दिल्ली सरकार हेल्थ कार्ड पर काम कर रही है जिसमें आपकी सारी मेडिकल हिस्ट्री दर्ज रहेगी। इसे आप अपने पास ही रखेंगे। एक साल में 25 लाख लोगों को मुफ्त चश्मा देने के लिए मोबाइल वैन भी चला रही है। 2017 तक सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या दो गुनी करने की तैयारी है।
शिक्षा : स्कूलों में एस्टेट मैनेजर नियुक्त किए
केजरीवाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों की बुरी हालत थी। सरकार ने सबसे पहले इस दिशा में फोकस किया। एक साल में 100 स्कूलों में बालिका शौचालय और पेयजल उपलब्ध कराया है। 54 सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है।
सबसे ज्यादा जरूरी अध्यापकों का प्रशिक्षण है। प्राचार्य सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दे सकें इसके लिए स्कूलों में एस्टेट मैनेजर नियुक्त किए गए हैं जो रखरखाव का ध्यान रखेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है। इसके लिए कौशल विकास विश्वविद्यालय और खेल विश्वविद्यालय की तैयारी है।
हार्वर्ड, कैंब्रिज और आईआईएम देंगे ट्रेनिंग
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को प्रशिक्षण देने के लिए हार्वर्ड और कैंब्रिज विश्वविद्यालय तथा आईआईएम अहमदाबाद और इंदौर से बात की जा रही है। अध्यापकों को प्रशिक्षण मिलेगा तो वे बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ा पाएंगे।
1 क्लास रूम में 164 बच्चे
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि वे एक क्लास रूम में 164 बच्चे देखकर हैरान रह गए थे। इस तरह कैसे पढ़ाई हो सकती है। सरकार ने एक साल में स्कूलों की 25 नई इमारतें बनाई हैं और 63 पर काम चल रहा है।
एमसीडी : भ्रष्टाचार है समस्या की जड़
क्या दिल्ली नगर निगम को तीन भागों में बांटा जाना गलत था? इन्हें एक कर दिया जाए तो समस्या हल हो सकती है? इस पर अरविंद केजरीवाल का कहना था कि वह इससे सहमत नहीं हैं। एमसीडी की समस्या भ्रष्टाचार है, पूर्वी दिल्ली नगर निगम को साल में 12 करोड़ रुपये होर्डिंग से आय होती है।
एक होर्डिंग 50 हजार से तीन लाख रुपये में लगता है। इस इलाके में आप सैकड़ों होर्डिंग लगे देखेंगे, यह सब पैसा भ्रष्ट नेताओं की जेब में चला जाता है। इसी तरह पार्किंग की रकम में भी भारी हेराफेरी है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आप सरकार के एक साल पूरे होने पर कहा, भ्रष्टाचार से जंग जारी रहेगी शिक्षा, स्वास्थ्य पर साल भर फोकस रहा
सम विषम: कार पूलिंग में लोगों की बढ़ी दिलचस्पी
आंकड़ों का विश्लेषण किया गया तो पता चला कि मेट्रो में सिर्फ 0.4 फीसदी ज्यादा लोगों ने यात्रा की। अब सरकार की योजना बसों को बढ़ाने की है। इस साल अप्रैल में 1000 नई बसें आएंगी और अगस्त तक एक हजार और बसें आएंगी।
दिसंबर में 1000 प्रीमियम बसों को लाने की योजना है। इसमें जितनी सीटें उतने ही लोगों को टिकट दी जाएगी, यानी कोई खड़ा होकर नहीं जाएगा।
केजीरवाल ने बताया कि लोगों ने कार पूलिंग में ज्यादा रुचि ली है इससे अगली बार सम विषम योजना को लागू करना आसान होगा। दिल्ली में बसें और कारें बेहतर तरीके से चल सकें इसके लिए एलीवेटेड कॉरीडोर की संख्या बढ़ाई जाएगी।
325 करोड़ का फ्लाईओवर 200 करोड़ में बना
केजरीवाल ने उदाहरण दिया कि पिछले दिनों हमने एक फ्लाईओवर का उद्घाटन किया था। पिछली कांग्रेस सरकार ने इसके लिए 325 करोड़ रुपये तय किए थे, लेकिन हमारी सरकार ने सिर्फ 200 करोड़ रुपये में इसे बना दिया।
नहीं डूबा जल बोर्ड
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिस समय आप सरकार ने 20 हजार लीटर मुफ्त पानी दिल्ली वासियों को देने का एलान किया था, विरोधियों ने कहा था ऐसे तो जलबोर्ड डूब जाएगा।
जल बोर्ड इस साल अब तक 176 करोड़ का राजस्व अर्जित कर चुका है। अब हमारी तैयारी पाइप से पेयजल घरों तक पहुंचाने की है। इसे पानी को आरओ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
केजरीवाल कहते हैं मेरा काम निगरानी रखने का है। मैं सभी मंत्रियों के कामकाज की सप्ताह में एक बार समीक्षा करता हूं और देखता हूं सब कुछ सुचारू रहे। किसी एक विभाग की जिम्मेदारी लेने से शायद सब विभागों पर नजर रखना संभव नहीं हो पाता।
औरंगजेब रोड का नाम बदलना गलत नहीं
केजरीवाल ने कहा कि एनडीएमसी की बैठक में जब दिल्ली की औरंगजेब रोड का नाम बदलकर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखने का प्रस्ताव आया तो किसी ने विरोध नहीं किया।
कलाम बड़े विज्ञानी थे उनके नाम से सड़क का नामकरण करना कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने कहा हम किसी सड़क का नाम नहीं बदलने जा रहे हैं।
आप आदमी पार्टी कैंटीन- 10 से 15 रुपये में एक टाइम का खाना
फ्री वाई फाई- दो माह में माडल तैयार हो जाएगा
मिड डे मील- इसके लिए अक्षय पात्र संस्था से बातचीत
मल्टी लेवल पार्किंग- सराय काले खां, द्वारका और आनंद विहार आईएसबीटी में
सड़कों का डिजाइन - खराब डिजाइन से लगता है जाम इन्हें दुरुस्त किया जाएगा
अतिक्रमण पर कार्रवाई - सड़कों पर जगह बनेगी और बसें आराम से चल सकेंगी