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गाजियाबाद: जयपुरिया पब्लिक स्कूल पर एक लाख का जुर्माना, डीएलएफ की मान्यता होगी रद्द
Thu, 03 Sep 2020 10:21 AM IST
प्राची प्रियम
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Thu, 03 Sep 2020 10:21 AM IST
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जयपुरिया और डीलएफ पब्लिक स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद जिलाधिकारी ने डीएलएफ स्कूल साहिबाबाद की मान्यता रद्द करने के आदेश दिए हैं। साथ ही सेठ आनंदराम जयपुरिया पब्लिक स्कूल पर डीएफआरसी के आदेश का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
वहीं, कोरोना संक्रमण के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे अभिभावकों के बच्चों की तीन महीने की फीस माफ कराने और जुलाई से फीस निर्धारण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे अभिभावकों से फीस कम करने एवं छूट मिलने के लिए साक्ष्य मांगे गए हैं। साथ ही उनकी बात शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक ली। इसमें सेठ आनंदराम जयपुरिया पब्लिक स्कूल वसुंधरा, सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल शास्त्रीनगर, डीएलएफ स्कूल साहिबाबाद की फीस निर्धारण संबंधी प्रकरणों पर चर्चा की गई।
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सेठ आनंदराम जयपुरिया पब्लिक स्कूल प्रबंधन को जिला शुल्क नियामक समिति ने वार्षिक बैलेंस शीट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्कूल ने बैलेंस शीट प्रस्तुत नहीं की। इस पर जिलाधिकारी ने डीएफआरसी के आदेशों की अवहेलना करने पर स्कूल पर एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया है।
डीएलएफ स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश
जिलाधिकारी ने बैठक में डीएलएफ स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश दिए हैं। बताया गया कि डीएलएफ स्कूल प्रबंधन को डीएफआरसी के आदेशों की अवहेलना करने का दोषी पाया गया था।
इस मामले में स्कूल पर पांच लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया था, जिसको स्कूल प्रबंधन ने संबंधित कोष में जमा नहीं कराया। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक रवि दत्त को डीएलएफ स्कूल साहिबाबाद का अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त करने एवं स्कूल की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
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वहीं, कोरोना संक्रमण के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे अभिभावकों के बच्चों की तीन महीने की फीस माफ कराने और जुलाई से फीस निर्धारण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे अभिभावकों से फीस कम करने एवं छूट मिलने के लिए साक्ष्य मांगे गए हैं। साथ ही उनकी बात शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
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कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक ली। इसमें सेठ आनंदराम जयपुरिया पब्लिक स्कूल वसुंधरा, सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल शास्त्रीनगर, डीएलएफ स्कूल साहिबाबाद की फीस निर्धारण संबंधी प्रकरणों पर चर्चा की गई।
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सेठ आनंदराम जयपुरिया पब्लिक स्कूल प्रबंधन को जिला शुल्क नियामक समिति ने वार्षिक बैलेंस शीट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्कूल ने बैलेंस शीट प्रस्तुत नहीं की। इस पर जिलाधिकारी ने डीएफआरसी के आदेशों की अवहेलना करने पर स्कूल पर एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया है।
डीएलएफ स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश
जिलाधिकारी ने बैठक में डीएलएफ स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश दिए हैं। बताया गया कि डीएलएफ स्कूल प्रबंधन को डीएफआरसी के आदेशों की अवहेलना करने का दोषी पाया गया था।
इस मामले में स्कूल पर पांच लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया था, जिसको स्कूल प्रबंधन ने संबंधित कोष में जमा नहीं कराया। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक रवि दत्त को डीएलएफ स्कूल साहिबाबाद का अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त करने एवं स्कूल की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
सभी को उपलब्ध करानी होगी बैलेंस शीट
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व में सभी स्कूलों को बैलेंस शीट उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक अधिकतर स्कूलों ने बैलेंस सीट उपलब्ध नहीं कराई हैं। उन्होंने डीआईओएस को निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों ने बैलेंस सीट उपलब्ध नहीं कराई है, उनकी लिस्ट बनाकर प्रस्तुत की जाए, जिससे इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
लंबित पड़े मामलों पर भी होगी कार्रवाई
डीएफआरसी की बैठक में निर्णय लिया गया कि कुछ स्कूल ऐसे हैं, जिनके मामले लंबित पड़े हुए हैं। उन स्कूलों के मामलों पर भी जल्द निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो स्कूल आरटीई के तहत प्रवेश नहीं ले रहे हैं उनकी भी सूची तैयार की जाए, जिससे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
अभिभावकों से मांगे फीस जमा न करने के साक्ष्य
बैठक में गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन द्वारा की जा रही भूख हड़ताल एवं पांच सूत्रीय मांगों के ज्ञापन पर चर्चा की गई। इसके संबंध में जिलाधिकारी ने उक्त ज्ञापन को शासन को उचित कार्रवाई एवं मार्गदर्शन के लिए भेजा है। जिलाधिकारी ने शासन से अनुरोध किया है कि जो अभिभावक कोरोना काल में आय प्रभावित होने का दावा कर रहे हैं, उनसे उनके आय प्रमाण पत्र अथवा घटी हुई आय का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया जाए।
यदि वह सत्यापित है तो उनके बच्चों की फीस में छूट देने या कमी करने पर विचार करने के लिए तय कर लिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा है कि अभिभावकों को वेतन की पर्ची व आय प्रमाण पत्र साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराने के बाद ही इसका लाभ मिल पाएगा।
लंबित पड़े मामलों पर भी होगी कार्रवाई
डीएफआरसी की बैठक में निर्णय लिया गया कि कुछ स्कूल ऐसे हैं, जिनके मामले लंबित पड़े हुए हैं। उन स्कूलों के मामलों पर भी जल्द निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो स्कूल आरटीई के तहत प्रवेश नहीं ले रहे हैं उनकी भी सूची तैयार की जाए, जिससे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
अभिभावकों से मांगे फीस जमा न करने के साक्ष्य
बैठक में गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन द्वारा की जा रही भूख हड़ताल एवं पांच सूत्रीय मांगों के ज्ञापन पर चर्चा की गई। इसके संबंध में जिलाधिकारी ने उक्त ज्ञापन को शासन को उचित कार्रवाई एवं मार्गदर्शन के लिए भेजा है। जिलाधिकारी ने शासन से अनुरोध किया है कि जो अभिभावक कोरोना काल में आय प्रभावित होने का दावा कर रहे हैं, उनसे उनके आय प्रमाण पत्र अथवा घटी हुई आय का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया जाए।
यदि वह सत्यापित है तो उनके बच्चों की फीस में छूट देने या कमी करने पर विचार करने के लिए तय कर लिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा है कि अभिभावकों को वेतन की पर्ची व आय प्रमाण पत्र साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराने के बाद ही इसका लाभ मिल पाएगा।