केजरीवाल ने छेड़ी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की जंग, कांग्रेस-बीजेपी पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इंदिरा गांधी स्टेडियम से रविवार को पूर्ण राज्य की जंग छेड़ी। केजरीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से इस मसले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की अपील करते हुए कहा कि अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलता तो लोक सभा चुनाव में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी। केजरीवाल ने आम दिल्लीवालों से सियासी जंग में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि अनिल बैजल दिल्ली के अंतिम उपराज्यपाल होंगे।
रविवार शाम पूरी कैबिनेट, वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे स्टेडियम में केजरीवाल ने सवाल किया कि दिल्ली में किसकी चलेगी, उपराज्यपाल की या दिल्लीवालों की। राशन डिलिवरी स्कीम, मोहल्ला क्लीनिक, सीसीटीवी कैमरा, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने जैसी दिल्ली सरकार की दूसरी योजनाओं को गिनाते हुए केजरीवाल ने कहा कि चुनी हुई सरकार दिल्लीवालों के लिये काम करना चाहती है, लेकिन उपराज्यपाल उसे रोक देते हैं।
यहां तक कि इस मसले पर जब वह अपने मंत्रियों के साथ बात करने राजनिवास गये तो वह उनसे मिलने तक नहीं आये। नौ दिनों तक अनिल बैजल ने मिलने का वक्त नहीं दिया। दिल्ली की जनता उन्हें 2019 में इसका जवाब देगी। अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि उपराज्यपाल ने दिल्ली के 2 करोड़ लोगों का अपमान है।
हर दिन, हर मिनट दिल्लीवालों को बेइज्जत किया जा रहा है। उपराज्यपाल व भाजपा ने दिल्ली के लोगों का मजाक बनाकर रख दिया है। उन्होंने सवाल किया कि लोगों ने वोट किसे दिया था, केजरीवाल को या उपराज्यपाल को? जब दिल्लीवालों ने केजरीवाल को वोट दिया था तो बीच में उपराज्यपाल कहां से आ गए?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ दिल्ली की नहीं, पूरे देश की है। उन्होंने कहा कि वह सभी दलों से भी अपील करते हैं कि इस हक में आवाज बुलायें। केजरीवाल ने जल्द ही राजनीतिक दलों की बैठक भी बलाने की बात कही। साथ ही राहुल गांधी से सवाल किया कि वह इस मसले पर अपना पक्ष स्पष्ट करें। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी याद दिलाया कि लोक सभा चुनावों के दौरान किये गये अपने वायदे को पूरा करें।
उन्होंने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का चुनावी वायदा किया, लेकिन सत्ता संभालते ही उन्होंने दिल्ली को पहले से मिले अधिकार भी खत्म कर दिये। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया तो ठीक वरना 7 सीट में से कुछ नहीं मिलेगा।
केजरीवाल का पूर्ण राज्य फार्मूला
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पूरे एनडीएमसी को केंद्र्र अपने अधीन रखे। इसी इलाके में केंद्र के सारी इमारतें, दूतावास आदि हैं। बाकी पूरी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाये। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलता, उपराज्यपाल की नियुक्ति दिल्ली सरकार की सलाह पर की जाये।
केजरीवाल ने की दूसरी अहम बातें
- दिल्ली सदियों से गुलाम रहा है, पहले यह मुगलों के अधीन रही, फिर वायसराय और आज उपराज्पाल की अधीन गुलाम है।
- सरकारी नौकरी में दिल्ली के मतदाताओं के बच्चों का 85 फीसदी आरक्षण होना चाहिए। दिल्ली पूर्ण राज्य बन गया तो हजारों बच्चों को नौकरी मिलेगी।
- चारों तरफ चोरी, डकैती, बलात्कार दिल्ली में बढ़ रहा है। दिल्ली पुलिस एलजी और देश के गृहमंत्री को रिपोर्ट करती है। गृहमंत्री जम्मू की समस्या हल करेंगे या मंडावली की। उन्हें पता भी है कि मंडावली कहां है।
- जैसे दिल्ली सरकार ने पानी मुफ्त किया और बिजली सस्ती की, उसी तरह अगर दिल्ली पुलिस दिल्ली सरकार को मिल जाये तो राजधानी को वह अपराध मुक्त कर देंगे।
- दिल्ली की सरकार द्वारा केंद्र सरकार को 1 लाख 30 हजार करोड़ टैक्स दिया जाता है। बदले में केंद्र सरकार दिल्ली को 325 करोड़ देती है। क्या यूनियन टेरेटरी सिर्फ गुंडागर्दी या हमें लूटने के लिए हैं। अगर केंद्र दिल्ली सरकार को टैक्स का सिर्फ 30फीसदी हिस्सा लौटा दे तो हर झुग्गी वालों को पक्का घर मिलेगा।
- पीएम मोदी ने एंटी करप्शन ब्रांच छीन ली, अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग छीन ली।