14 फरवरी को मनाएं 'मातृ-पितृ पूजन दिवस'
यही नहीं इस विज्ञापन में वो तस्वीरें भी लगी थीं जिसमें पुलिस को लव कपल्स के विरोध में वैलेंटाइन डे के दिन एक्शन लेते हुए दिखा रही थी। ऐसे विज्ञापन से दिल्ली मेट्रो का व्यस्ततम रहने वाले ब्लू और येलो लाइन पटा पड़ा था। कहीं बिलबोर्ड के रूप में कहीं पोस्टरों की शक्ल में।
जिस तरह से पिछले कई वर्षों से वैलेंटाइन डे को अनेक संगठनों द्वारा कभी हनुमान जयंती के रूप में कभी किसी रूप में मनाने पर जोर दिया जाता है उससे कई युवाओं में डर पैदा हो जाता है। बता दें कि ये विज्ञापन आसाराम से प्रभावित लोगों द्वारा लगवाए गए हैं।
भेजें अपने बच्चे हम बनाएंगे संस्कारी
बता दें कि इस पोस्टर में दो अलग-अलग तरह के बच्चों को दिखाया गया है। एक तो वो बच्चे जो अपने माता-पिता की पूजा कर रहे हैं और दूसरे तरह के युवा पार्क में वैलेंटाइन डे मनाने के लिए पुलिस की कार्रवाई का शिकार हो रहे हैं।
इस विज्ञापन ने एक कदम आगे जाते हुए अभिभावकों से भी अपील की है कि वो अपने बच्चों को उनके पास भेजें ताकि उनमें अच्छे संस्कार आ सकें। यह विज्ञापन बाल संस्कार नाम संस्था ने लगवाए हैं। इसके प्रेरक हैं आसाराम बापू जो एक बच्ची से रेप के केस में जेल में हैं।
इस विज्ञापन में आसाराम की फोटो बड़ी सी लगी है और वो भी उन दो तरह के बच्चों की तस्वीरों के बीच लगी है। सोशल मीडिया पर यह विज्ञापन वायरल हो जाने के बाद दिल्ली मेट्रो ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
14 फरवरी को रामलीला मैदान में होगा आयोजन
दिल्ली मेट्रो के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन अनुज दयाल, ने बताया कि दिल्ली मेट्रो इस बात के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहती है कि मेट्रो परिसर में जो विज्ञापन लगे उसमें किसी भी तरह की आपत्तिजनक चीज न हो।
वो आगे बोले कि मेट्रो परिसर में लगाए जाने वाले विज्ञापन प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर देखते हैं। इस मामले की गहन जांच हो रही है ताकि ये बात सामने आए कि इसमें किस पक्ष की गलती है।
मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि विज्ञापन बाल संस्कार गुट द्वारा ही उतार लिए जाएंगे। वहीं बाल संस्कार ग्रुप का कहना है कि हमें ऐसे कोई आदेश नहीं मिले हैं।
हमने 14 फरवरी तक विज्ञापन के पैसे दिए हैं ताकि हम मेट्रो यात्रियों में जागरूकता पैदा कर सकें। उनका मानना है कि 14 फरवरी को वैलेंटान डे के रूप में नहीं बल्कि मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाना चाहिए।
बाल संस्कार के एन सिंह ने कहा कि ये छत्तीसगढ़ में मनाया जाता है और दिल्ली में भी मनाया जाना चाहिए। हमने रामलीला मैदान में विशाल जमावड़े का आयोजन किया है, जहां बच्चे अपने माता-पिता के साथ आएंगे और इस दिन को मनाएंगे। ये हमारी संस्कृति है।