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Om Prakash Chautala: पूर्व मुख्यमंत्री की सजा के निलंबन पर फैसला सुरक्षित, आय से अधिक संपत्ति का है मामला

Mon, 01 Aug 2022 07:26 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 01 Aug 2022 07:26 PM IST
सार

सीबीआई ने चौटाला के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने 26 मार्च, 2010 में दाखिल आरोप पत्र में आरोप लगाया था कि चौटाला ने 1993 से 2006 के बीच आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति जुटाई।

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Om Prakash Chautala Decision reserved on suspension of sentence of former Chief Minister
ओम प्रकाश चौटाला - फोटो : पीटीआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को सुनाई चार साल की सजा निलंबित करने संबंधी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने चौटाला व सीबीआई के वकीलों के तर्क सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। सुनवाई के दौरान चौटाला ने तर्क रखा कि उनकी दोषसिद्धि एवं उन्हें दी गई सजा को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर फैसला आने तक सजा को निलंबित कर उन्हें रिहा किया किया चाहिए।

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निचली अदालत ने 27 मई को 1993 से 2006 तक आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में चौटाला को दोषी करार देते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई थी। साथ ही उन पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को उनकी चार संपत्तियों को जब्त करने का भी निर्देश दिया था। चौटाला के अधिवक्ता हरिहरन ने कहा कि उनके मुवक्किल 88 वर्ष के हैं और याचिका पर एक बार में फैसला नहीं हो सकता।

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चौटाला ने अदालत को पहले बताया था कि वह इस  मामले में पांच साल जेल में बिता चुके हैं। ऐसे में जमानत दिए जाने के पात्र हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से पेश वकील अनुपम शर्मा ने सजा निलंबित करने संबंधी चौटाला की याचिका का विरोध किया। उच्च न्यायालय ने पिछले महीने याचिका पर नोटिस जारी किए थे और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) नेता के जेल के रिकॉर्ड मंगाए थे ताकि याचिका लंबित रहने के दौरान उनकी रिहाई के मुद्दे पर फैसला किया जा सके।

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