सम-विषम का पहला दिन, मानकों से अधिक रहा प्रदूषण
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सम-विषम योजना के पहले दिन जारी किए गए बीते 24 घंटों के आंकड़ों और रीयल टाइम डाटा में दिल्ली के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण स्तर मानकों से अधिक पाया गया। वहीं, दिल्ली सरकार की ओर से शुक्रवार को राजधानी के 74 इलाकों में प्रदूषण स्तर मापने की कवायद शुरू की गई।
सरकार ने कहा कि रोजाना इस संबंध में रिपोर्ट जारी की जाएगी। इसके अलावा भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अधिकारी ने बताया कि वायु गुणवत्ता बीते बीस दिनों से सामान्य थी।
हालांकि उत्तरी-पश्चिमी दिशा में बहने वाली प्रदूषित हवाओं के जरिए यह प्रभावित हुई है। रीयल टाइम डाटा के दौरान राजधानी में ओजोन तय मानकों से अधिक दर्ज किया गया।
ये रहे रियल टाइम आंकड़े
शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के जरिए पीएम यानी पर्टिकुलेट मैटर (हवा में मौजूद बारीक खतरनाक कण) 2.5 और पीएम 10 व अन्य गैसों के आंकड़े भी दर्ज किए गए।
रीयल टाइम आंकड़ों के मुताबिक, आरके पुरम में मानकों से अधिक शाम करीब 4 बजे ओजोन (ओ-3) 200.3 और पंजाबी बाग में ओजोन 174.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। ओजोन का सामान्य स्तर 180 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) अधिकारी के मुताबिक, रीयल टाइम देखने पर गैसीय प्रदूषण मानकों से अधिक दिख सकता है। हालांकि औसत आधार पर सिवाय कार्बन डाई आक्साइड को छोड़कर गैसीय प्रदूषण तय मानकों के तहत हैं। प्रदूषण स्तर घटने और बढ़ने संबंधी सम-विषम योजना का आकलन एक हफ्ते के बाद ही संभव होगा। इस संबंध में सही राय आंकड़ों के विश्लेषण के बाद ही संभव होगी।
74 स्थानों पर डीपीसीसी मोबाइल वैन करेगा वायु गुणवत्ता जांच
दिल्ली सरकार की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, डीपीसीसी 15 से 30 अप्रैल तक उपकरणों से युक्त मोबाइल वैन के जरिए राजधानी और सीमावर्ती इलाकों में परिवेशी वायु गुणवत्ता (एंबियंट एयर क्वालिटी) की जांच करेगी। इसके अलावा डीपीसीसी के 6 स्टेशन भी 15 से 30 अप्रैल तक रीयल टाइम के आधार पर प्रदूषण स्तर मापेंगे।
इन आंकड़ों को रोजाना जारी किया जाएगा। मोबाइल वैन वायु गुणवत्ता जांच छोटी अवधि के नमूनों के संग्रहण के आधार पर करेगी। वायु गुणवत्ता जांच के लिए कुल 74 स्थानों को चुना गया है।
इनमें दिल्ली के सात प्रवेश और निकास द्वार शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली के 20 आवासीय इलाके और 15 इंडस्ट्रियल इलाकों की मॉनिटरिंग भी की जाएगी। वहीं, 10 स्थानों की मॉनिटरिंग सड़क पर वाहनों के ट्रैफिक को लेकर किया जाएगा।
24 घंटे के आंकड़ों में भी अधिक रहा प्रदूषण स्तर
द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) व डीपीसीसी की ओर से 14 अप्रैल को 24 घंटे के आधार पर दर्ज किए गए प्रदूषण मानकों के आंकड़े जारी किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली और एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर तय मानकों से अधिक रहा।
बीते हफ्ते तेज हवाओं के कारण इनके स्तर में कमी पाई गई थी, हालांकि उत्तरी-पश्चिमी दिशा में बहने वाली (अपविंड) हवाओं के जरिए प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इसके अलावा डाउनविंड यानी एनसीआर और गुड़गांव की ओर से बहने वाली हवाओं के जरिए भी प्रदूषण हुआ है।
वहीं, जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली-एनसीआर के बहादुरगढ़, आनंद विहार, आरके पुरम, पंजाबी बाग, लोधी रोड, गाजियाबाद, गुड़गांव, नोएडा में पीएम 2.5 तय मानकों से अधिक दर्ज किया गया है। पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है।