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500 किलोमीटर की दूरी तय कर नर्सिंग अधिकारी ने किया मरीज का डायलिसिस
Mon, 22 Jun 2020 05:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 22 Jun 2020 05:44 AM IST
सार
- एम्स झज्जर में कार्यरत नंद भंवर सिंह छुट्टी पर अपने घर भीलवाड़ा गए थे
- अस्पताल से मरीज के इलाज के लिए तुरंत आने की पहुंची सूचना तो छह घंटे में राजस्थान से झज्जर आए
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
कोरोना काल में अस्पताल के डॉक्टरों से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ पूरी लगन के साथ अपना फर्ज निभा रहा है। मरीजों की देखभाल के लिए स्वास्थ्य कर्मी अपना जीवन दाव पर भी लगाने से नहीं कतरा रहे हैं। ऐसी ही मिसाल पेश की है एम्स झज्जर के नर्सिंग अधिकारी नंद भंवर सिंह ने, जिन्होंने अस्पताल से गई एक फोन कॉल पर ही 500 किलोमीटर की दूरी तय करके किडनी की बीमारी से पीडित एक मरीज का इलाज किया और उसकी जान बचाई।
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नंद भंवर सिंह बताते हैं कि शुक्रवार को एम्स झज्जर में किडनी की बीमारी से पीड़ित एक मरीज भर्ती हुआ था जिसको तुरंत डायलिसिस की जरूरत थी। पहले यहां डायलिसिस कराने वाले मरीजों को नई दिल्ली के एम्स में भेज दिया जाता था। कुछ दिन पहले यहां झज्जर एम्स में भी डायलिसिस मशीन आ गई थी जिसको प्रयोग करना उन्हें मिलाकर तीन नर्सिंग अधिकारी को आता था।
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वह दो दिन की छुट्टी लेकर अपने घर राजस्थान के भीलवाड़ा आए हुए थे। उसी दिन रात को उनके पास अस्पताल से फोन आया कि गंभीर हालत में एक मरीज भर्ती हुआ है जिसको डायलिसिस की जरूरत है। इसलिए, उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना होगा।
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यह खबर सुनते ही वह आनन-फानन में घर से निकले और अपनी गाड़ी से 500 किलोमीटर का सफर तय करके सुबह 6 बजे अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में उन्होंने अपने अधिकारी को रिपोर्ट किया और तुरंत रोगी का इलाज शुरू किया और उसकी जान बचाई।
डायलिसिस के दौरान उन्होंने 9 घंटे तक पीपीई किट पहने रखी। नंद ने बताया कि वह छह महीने में पहली बार छुट्टी लेकर घर गए थे। तभी यह सूचना मिली। उन्हें सिखाया गया है कि मरीज की सेवा उनका पहला धर्म है। उसके बाद सभी चीजें आती हैं। यह काम करके उन्होंने सिर्फ अपना घर्म निभाया है।