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Cancer: '10 साल में तीन गुना बढ़ा कैंसर', सफदरजंग अस्पताल के आंकड़ों ने चौंकाया; इस वजह से बढ़े मरीज

Thu, 26 Jun 2025 10:28 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 26 Jun 2025 10:28 PM IST
सार

कैंसर भारत ही नहीं वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के एक आकड़े के मुताबिक, 10 साल में कैंसर के आंकड़े तीन गुना पहुंच गए। 

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number of cancer patients in Safdarjung Hospital tripled in last 10 years
डॉक्टर और कैंसर मरीज बातचीत करते। - फोटो : Freepik

विस्तार

कीटनाशक का बढ़ता इस्तेमाल, खराब जीवनशैली, पर्यावरण प्रदूषण, आहार संबंधी आदतें, आनुवंशिक सहित दूसरे कारण कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ा रहे हैं। अकेले सफदरजंग अस्पताल में हर माह कैंसर के करीब 125 नए मरीज पंजीकृत हो रहे हैं। अस्पताल का आंकड़ा बताता है कि पिछले 10 साल में कैंसर का इलाज करवाने आ रहे मरीजों की संख्या तीन गुना हो गई है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर का जीन्स (ओंकोजीन्स) हर व्यक्ति में मौजूद रहता है। जीन्स सक्रिय (ट्रिगर) होने पर कैंसर सेल बनाता है। बीते कुछ वर्षों में लोगों के खान-पान, जीवन शैली सहित दूसरे व्यवहार में आए बदलाव के कारण कैंसर मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 
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हालांकि जांच की सुविधा बढ़ने से मरीज पहले ही इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ साल पहले तक अधिकतर मरीज एडवांस स्टेज में अस्पताल पहुंचते थे, जिन्हें बचाना मुश्किल हो जाता था।
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सफदरजंग अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट के प्रमुख डॉ. कौशल कालरा ने कहा कि पिछले दस साल में कैंसर मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। ओपीडी में रोजाना करीब 200 मरीज पहुंचते हैं। हर माह करीब 125 नए मरीज अस्पताल में पंजीकृत होते हैं। इसके अलावा दूसरे विभागों में भी कैंसर के मरीजों का इलाज होता है।

इन कारणों से बढ़ रहा कैंसर
- तंबाकू का सेवन : धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों के सेवन से मुंह, फेफड़े, गले और पाचन तंत्र का कैंसर बढ़ रहा है।
- शराब का सेवन : अत्यधिक शराब का सेवन लीवर, स्तन और पाचन तंत्र का कैंसर बढ़ा रहा है।
- अनुचित आहार : प्रोसेस्ड फूड, अधिक चीनी और वसा का अधिक सेवन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
- पर्यावरणीय प्रदूषण : वायु प्रदूषण और रसायनों के संपर्क से फेफड़े, मूत्राशय और त्वचा के कैंसर होने की आशंका रहती है।
- शारीरिक गतिविधि का अभाव : शारीरिक गतिविधि के अभाव, व्यायाम न करने से कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
- वायरल संक्रमण : हेपेटाइटिस बी और सी (लीवर कैंसर) और एचपीवी (सर्वाइकल कैंसर) सहित दूसरे वायरल संक्रमण कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
- पारिवारिक इतिहास : यदि परिवार में किसी को कैंसर रहा हो तो परिवार के दूसरे सदस्य में होने की आशंका रहती है।
- बढ़ती उम्र : उम्र बढ़ने के साथ भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
- तनाव : अत्यधिक तनाव कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।

ऐसे कर सकते हैं बचाव
- स्वस्थ आहार
- नियमित व्यायाम
- पर्यावरण प्रदूषण से बचाव
- समय पर टीकाकरण
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराना

पाए जाते हैं यह ज्यादा कैंसर
- मुंह का कैंसर
- स्तन कैंसर
- गर्भाशय ग्रीवा कैंसर
- फेफड़े का कैंसर
- कोलोरेक्टल कैंसर
- रक्त कैंसर
- अग्नाशय का कैंसर
- पेट का कैंसर
- प्रोस्टेट कैंसर


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