{"_id":"6aa3aeb4335dbbc0d905fa8d","slug":"overnight-raids-on-paneer-and-khoya-dairies-in-punhana-nuh-2026-09-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा: नूंह में पनीर-मावा डेरियों पर रातभर एक्शन, पंचकूला से आई टीम, दिल्ली-एनसीआर में होता था सप्लाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा: नूंह में पनीर-मावा डेरियों पर रातभर एक्शन, पंचकूला से आई टीम, दिल्ली-एनसीआर में होता था सप्लाई
Fri, 11 Sep 2026 01:03 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नूंह
अमर उजाला नेटवर्क, नूंह
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:03 PM IST
सार
हरियाणा के नूंह जिले में पनीर और खोवा बनाने वाली डेरियों पर बड़ा एक्शन हुआ है। प्रदूषण विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। पनीर और खोवा दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाता है।
विज्ञापन
नूंह में पनीर डेरियों पर रातभर छापेमारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के नूंह जिले के पुनहाना क्षेत्र में पनीर और खोवा बनाने वाली डेरियों पर प्रदूषण विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने पूरी रात छापेमारी की। शुक्रवार देर रात शुरू हुई कार्रवाई सुबह तक जारी रही। गोधूला गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने कई पनीर डेरियों को जांच के दायरे में लिया। कार्रवाई की भनक लगते ही कई डेयरी संचालक अपनी डेरियां बंद कर मौके से फरार हो गए।
विज्ञापन
पंचकूला से आई टीम ने मारा छापा
जानकारी के अनुसार पंचकूला से आई एक आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जा रही है। मौके पर पुनहाना एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। टीम द्वारा डेरियों में पनीर और खोवा बनाने की प्रक्रिया, इस्तेमाल किए जा रहे पदार्थों तथा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मानकों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
छापेमारी की सूचना हुई थी लीक
सूत्रों के मुताबिक पिनगवां क्षेत्र में भी कुछ पनीर डेरियों पर छापेमारी की योजना थी, लेकिन कार्रवाई की सूचना पहले ही लीक होने के कारण टीम को वहां अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
दिल्ली-एनसीआर में हो रहा था पनीर-मावा सप्लाई
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में तैयार होने वाला पनीर और खोवा दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाता है। कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन डेरियों में नियमों का उल्लंघन मिला और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।