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अब ओवरलोड वाहनों पर लगेगा दस गुना जुर्माना

Wed, 20 Jan 2016 12:48 PM IST
राहुल श्याम/ अमर उजाला, फरीदाबाद
राहुल श्याम/ अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 20 Jan 2016 12:48 PM IST
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Now take a tenfold fines on overloaded vehicles.

बदरपुर-फरीदाबाद टोल से नेशनल हाईवे पर अब ओवर लोड वाहन नहीं गुजर सकेंगे। यदि कोई व्यावसायिक वाहन अपनी क्षमता से अधिक भार ढो कर हाईवे पर चलेगा तो उसे टोल पर ही पकड़ लिया जाएगा और उससे दस गुना जुर्माना वसूला जाएगा।

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एनजीटी(नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने सड़कों को ओवरलोड वाहनों से होने वाले नुकसान पर संज्ञान लिया था। इसके लिए एनजीटी ने वर्ष 2015 में एनएचएआई(भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को आदेश दिया था कि हाईवे पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर लगाम कसी जाए।
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 इसके बाद एनएचएआई ने हाईवे पर मौजूद सभी टोल संचालित कंपनियों को इसके लिए सुदृढ़ व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। हालांकि एनजीटी के आदेशों के बाद 23 नवंबर 2015 तक यह कार्य पूरा होना था, लेकिन किसी कारणवश काम में देरी हो गई। अब यह काम अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा।
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‘विम’ के जरिए कसेगी लगाम

ओवरलोड वाहनों पर लगाम कसने के लिए एनजीटी व एनएचएआई के आदेशों पर टोल कंपनियों ने ‘विम’(वे-इन-मोशन) योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत बदरपुर-फरीदाबाद टोल प्लाजा पर भी काम चल रहा है।

इसमें टोल की सभी लेन में ऐसा सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे व्यावसायिक वाहनों का वास्तविक भार टोल खिड़की पर बैठे कर्मचारी को पता लग जाएगा। इसमें जब वाहन पर्ची कटाने के लिए टोल खिड़की पर रुकेगा तो उसका भार भी टोल खिड़की पर बैठे कर्मचारी के कंप्यूटर सिस्टम में पता लग जाएगा।

बदरपुर-फरीदाबाद टोल के प्रोजेक्ट इंचार्ज अमित भाटिया के मुताबिक ‘विम’ के तहत टोल की सभी लेन में खुदाई के जरिए भार तोलने वाला सिस्टम लगाया जा रहा है।

यह सिस्टम उसी तरह काम करेगा, जिस प्रकार ‘धर्मकांटों’ में सिस्टम होता है। जिस पर भार करके वाहन चालक पर्ची कटा कर अपने वाहन और उस पर भरे माल का वजन जान पाते हैं।

अप्रैल से सिस्टम चालू होगा

बदरपुर-फरीदाबाद टोल पर अप्रैल तक यह सिस्टम पूरी संचालित होने लगेगा। प्रोजेक्ट इंचार्ज अमित भाटिया ने बताया कि प्रत्येक वाहन की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) में उस वाहन का भार व उसकी क्षमता (लादने वाला भार) अंकित होता है।

अभी तक वाहनों पर लदे माल के वास्तविक भार का पता नहीं लगाया जा सकता था। यदि देखने में बहुत अधिक लगता था तो यातायात पुलिस व अन्य विभाग उनका चालान करते थे। लेकिन अब टोल पर ही उसका वास्तविक भार पता लग जाएगा।

अतिरिक्त भार उतारना होगा

इस समय टोल पर व्यावसायिक वाहनों की 76 रुपये की पर्ची कटती है। प्रोजेक्ट इंचार्ज के मुताबिक वाहनों को अतिरिक्त भार में केवल 5 से 10 प्रतिशत भार की छूट मिल सकती है। इससे अधिक भार होने पर उन्हें जुर्माने के बाद भी जाने नहीं दिया जाएगा।


वाहन चालकों को टोल पर ही अपना वाहन रोक कर अतिरिक्त भार उतारना होगा और अतिरिक्त माल दूसरे वाहन में भर कर ही आगे जाने दिया जाएगा। टोल कंपनियां टोल प्लाजा के आसपास ऐसे स्थान भी बनाएगी जहां नियम तोड़ने वाले वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। जब तक वे क्षमता से अधिक भार उतार कर दूसरी गाड़ी में लोड नहीं करेंगे उन्हें उसी स्थान पर रुकना होगा।

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