Delhi Govt School: बच्चे नहीं बनेंगे बैक बेंचर, स्कूलों में अब हर दिन बदलेगी बेंच
निर्देशों में कहा गया है कि खुशी, देशभक्ति और उद्यमिता पाठ्यक्रम को मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार उचित महत्व दिया जाना चाहिए। इन पाठ्यक्रमों के लिए आवंटित पीरियड का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरकारी स्कूलों में बच्चे बैक बेंचर नहीं कहलाएंगे, उनकी सीट हर दिन बदलेगी। स्कूलों में कक्षा के अंदर बैठने की योजना साप्ताहिक रोटेशन प्रणाली पर आधारित होगी। इस सिस्टम से कोई भी छात्र हर दिन आखिरी बेंच पर नहीं बैठेगा। इससे पढ़ाई में कमजोर छात्र पर शिक्षक ध्यान दे सकेंगे। वहीं, स्कूलों में खुशी, देशभक्ति व उद्यमिता पाठ्यक्रम के पीरियड का उपयोग स्कूल अन्य किसी उदेश्य के लिए नहीं किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी स्कूल प्रमुखों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार शिक्षक प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत सीखने की जरुरतों पर ध्यान दें।
बीते जून में उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने स्कूल प्रमुखों से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान उन्होंने निर्देश दिया था कि सभी स्कूल प्रमुख अब अपने स्कूल में स्कूल की इमारत, साफ-सफाई, कक्षा की सुंदरता, माहौल और बच्चों की पढ़ाई के स्तर को लेकर न्यूनतम बेंचमार्क तैयार करें। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद बीती एक जुलाई से स्कूल खुले हैं। जिसके बाद निदेशालय ने स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों को इन निर्देशों का पालन करना होगा।
निर्देशों में कहा गया है कि खुशी, देशभक्ति और उद्यमिता पाठ्यक्रम को मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार उचित महत्व दिया जाना चाहिए। इन पाठ्यक्रमों के लिए आवंटित पीरियड का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाए। स्कूलों को कहा गया है कि सभी छात्रों को कक्षा चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। शिक्षक यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत सीखने की जरूरत पूरी हो। छात्रों के बीच सहकर्मी सीखने की संस्कृति को बढ़ाने के लिए बडी (करीबी दोस्त) सिस्टम को बढ़ावा दिया जाए। छात्रों के समग्र विकास के लिए जरूरी है कि अनुशासन का पालन हो। स्कूल प्रमुख यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों को जीवन में अनुशासन के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए। स्कूल प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि स्कूल परिसर जिसमें कक्षाएं, शौचालय, खेल के मैदान व अन्य क्षेत्र में साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे।