जमीन खरीदते वक्त है डर कि, कहीं हो ना जाए धोखा तो अब ऑनलाइन चेक करें किसकी है जमीन
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राजधानी के गांवों में उपलब्ध जमीनों का अधिकार किसके पास है, वह पूर्व में किसके नाम रहा है और यह जमीन कब-कब खरीदी व बेची गई है आदि संपत्ति से संबंधित ऐसे रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (आरओआर) के दस्तावेज अब ऑनलाइन ही उपलब्ध होंगे।
दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने मंगलवार से यह व्यवस्था लागू कर दी है। इससे जमीन के दस्तावेज में होने वाले हेरफेर की संभावना खत्म हो जाएगी। मंगलवार को राजस्व विभाग के मुख्यालय 5 शामनाथ मार्ग पर आईटी विभाग की ओर से इसे लेकर एक डेमो भी दिया गया है।
दिल्ली के सभी गांवों की जमीन सिर्फ उत्तरी जिला और वह जमीन या खसरा नंबर जिसे लेकर कोई विवाद चल रहा है को छोड़कर बाकी सभी गांव के जमीन का आरओआर अब ऑनलाइन ही मिलेगा।
राजस्व विभाग अभी तक जमीनों के 34,458 खातों की सूचना को डिजिटलाइज कर चुका है। बची हुई जमीनों को जल्द डिजिटलाइज करने का निर्देश दिया गया है। सभी आरओआर जो कि ऑनलाइन निकाले जाएंगे उन्हें कानूनी मान्यता होगी।
ऑनलाइन ऐसे हासिल करें आरओआर
राजस्व विभाग की ओर से सभी डीएम कार्यालयों व सब रजिस्ट्रार कार्यालय को अपने यहां ऐसे गांवों की सूची सूचना पट्ट पर लगाने को कहा गया है, जिससे लोगों को पता चल सके की किस-किस गांव की जमीनों का खसरा नंबर को डिजिटलाइज किया जा चुका है। अब आरओआर निकालने के लिए आवेदकों को कार्यालय जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। वे दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर जाकर भी इसे हासिल कर सकते हैं।
ऑनलाइन ऐसे हासिल करें आरओआर
दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने इंद्रप्रस्थ भूलेख (दिल्ली लैंड रिकॉडर्स इनफॉरमेशन) के तहत पूरा किया गया है। इसे जानने के लिए सबसे पहले आवेदक को इसकी वेबसाइट पर जाना होगा। इसका लिंक राजस्व विभाग की वेबसाइट पर भी हासिल कर सकते हैं। वेबसाइट के खुलते ही आप किसी भी संपत्ति का आरओआर निकालने के लिए दो तरीके अपना सकते हैं।
सबसे पहले आपको जिला, फिर सब डिविजन, फिर गांव और खाता टाइप (भूमिदार, गांव सभा, असामी-गांव सभा व अन्य) पर जानकारी देनी होगी। इसके अलावा आप खाता नंबर, खसरा नंबर और बाइ नेम भी जाकर यह जानकारी हासिल कर सकते है। मगर खाता नंबर, खसरा नंबर के साथ आपको जिला, सब डिविजन और गांव की डिटेल देनी होगी।