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अब मनीश सिसौदिया ने आईएस एसोसिएशन को बता डाला खाप पंचायत

Wed, 28 Feb 2018 08:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 28 Feb 2018 08:03 PM IST
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Now Manish Sisodia declared IAS Associations as Khap Panchayat

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल अनिल बैजल और आईएएस एसोसिएशन पर तीखा हमला बोला है। सिसोदिया ने आईएएस एसोसिएशन को खाप पंचायत और बैजल को पंचायत के फतवे का समर्थक बताया है। इस बारे में उपमुख्यमंत्री ने बुधवार उपराज्यपाल को जवाबी चिट्ठी लिखी है। 

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दो दिन पहले उपराज्यपाल को लिखे पत्र का जिक्र करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि उपराज्याल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को नसीहत भरी चिट्ठी भेजी है। इसमें वह आईएएस यूनियन के उस फतवे का खुलकर समर्थन कर रहे हैं, जिसके तहत जूनियर अधिकारियों से असहयोग करने को मजबूर किया गया है। उपराज्यपाल का पत्र मंत्रियों की बैठकों का बहिष्कार कर रहे, फोन, व्हाट्सऐप पर भी मंत्रियों का जवाब नहीं दे रहे अधिकारियों को अभयदान की तरह है। 
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सिसोदिया ने आगे लिखा है कि उपराज्यपाल जिन आईएएस अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं, उन्हीं की कर्मठता से तीन महीने से आगनबाड़ी वर्कर्स को वेतन नहीं मिला है। इससे इन केंद्रो में आने वाले पांच लाख बच्चों का भविष्य अधर में है। सिसोदिया ने अधिकारियों को उपराज्यपाल का चहेता बताया है।
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उपराज्यपाल अब चीजों को आईएएस के चश्मे से देखना बंद करें

Now Manish Sisodia declared IAS Associations as Khap Panchayat

सिसोदिया ने लिखा है कि एक आईएएस अधिकारी उपराज्यपाल के पास जाकर दावा करे कि मंत्री ने उसे डांटा तो उसके तमाम निकम्मेपन के बावजूद उसके आंसू पोंछे जाते हैं। उसे मंत्रियों की बैठक में नहीं शामिल होने को उकसाया जाता है। 

सिसोदिया ने सलाह दी है कि पहले आईएएस अधिकारी रहे उपराज्यपाल अब चीजों को आईएएस के चश्मे से देखना बंद करें। वहीं, सवाल किया है कि रात 12 बजे अगर एक आंगनबाड़ी वर्कर उपराज्यपाल के दरवाजे पर कहने आए कि उसका तीन महीने से चूल्हा नहीं जला, तो वह क्या करेंगे।  

दोषी अधिकारियों पर एफआईआर होगी या राजनिवास का सुरक्षा इंचार्ज थाने में फोन कर उसे हवालात में बंद करवाएगा। सिसोदिया के मुताबिक, उनकी लड़ाई राजनिवासों और सचिवालयों में बैठी व्यवस्था से है। आईएएस अधिकारियों से कोई लड़ाई नहीं है। इनमें से कुछ बहुत निष्ठा और ईमानदारी से काम कर रहे हैं। इस धर्मयुद्ध का अंजाम तो समय ही तय करेगा। 

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