बदलाव: पुलिस थानों के डिवीजन अफसर PCR कॉल करेंगे अटेंड
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जनता को सुविधाएं मुहैया कराने और इमरजेंसी में लोगों तक तुरंत पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस अपने सिस्टम में बड़ा परिवर्तन करने जा रही है। अब पुलिस थानों के डिवीजन अफसर पीसीआर कॉल अटेंड करेंगे।
इससे थानाध्यक्ष समेत डिवीजन अफसर की भी जिम्मेदारी बढ़ेगी। साथ ही डिवीजन अफसर व बीट अफसर को सरकारी मोबाइल नंबर दिए जा रहे हैं।
अब एक डिवीजन व बीट का स्थायी एक ही सरकारी मोबाइल नंबर रहेगा, ताकि जनता को 100 नंबर के साथ बीट व डिवीजन अफसर वाला सरकारी मोबाइल नंबर याद रहे। इसका मकसद ये है कि लोग 100 नंबर की बजाय बीट अफसर को ही कॉल करें। दक्षिण-पूर्व जिले में इस सिस्टम को ट्रायल के तौर पर शुरू कर दिया है।a
सभी डिवीजन अफसरों का होगा एक मोबाइल नंबर
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस डीसीपी मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि इस सिस्टम को उनके जिले में ट्रायल के तौर पर बृहस्पतिवार से शुरू कर दिया गया है। कुछ और जिलों में भी सिस्टम को शुरुआती तौर पर लागू किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस सिस्टम के तहत हर थाने को छह डिवीजन में बांटा गया है। एक डिवीजन का इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर होगा। एसआई की देखरेख आठ-दस पुलिसकर्मी रहेंगे।
डिवीजन अफसर व बीट अफसर को सरकारी मोबाइल नंबर दिए जाएंगे। दक्षिण-पूर्व जिले में डिवीजन अफसर को सरकारी मोबाइल नंबर दे दिए गए हैं। डिवीजन या बीट अफसर बदल जाए मगर मोबाइल नंबर वहीं रहेगा।
लोगों तक जल्द पहुंच बनाने के लिए की व्यवस्था
अभी तक एसआई से ऊपर इंस्पेक्टर व उससे ऊपर पुलिस अधिकारियों के पास सरकारी नंबर होता है। इन नंबर को जल्द लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस डिवीजन की पीसीआर कॉल आती है उस कॉल को उस डिवीजन का एसआई डिवीजन अफसर ही अटेंड करेगा।
अगर डिवीजन अफसर कहीं चला गया है तो वह अपने अधीनस्थ या फिर पड़ोसी डिवीजन अफसर को जिम्मेदारी देकर जाएगा। अभी पीसीआर कॉल अटेंड करने के लिए हर थाने में एक-दो इमरजेंसी अफसर होते थे। ये ही पीसीआर कॉल अटेंड करते थे।