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Delhi NCR News: खिड़की बनी दरवाजा, कागजों में भरपूर, आनंद विहार में दो लाख यात्री दिखे मजबूर
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-यूपीएसआरटीसी की 400 और उत्तराखंड परिवहन निगम की 30 अतिरिक्त बसें चलाने के बावजूद यात्रियों को घंटों तक करना पड़ा इंतजार
-बस आते ही गेट पर भीड़ टूट पड़ी, जगह नहीं मिलने पर कई यात्रियों ने पीछे की खिड़कियों से बस के अंदर घुसकर सीट पाने की कोशिश
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले परिवहन विभाग की तैयारियां आनंद विहार बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ के सामने बेबस दिखीं। बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को करीब दोगुनी भीड़ उमड़ी और यात्रियों की संख्या दो लाख से अधिक पहुंचने का अनुमान लगा। यात्रियों की भारी संख्या के आगे अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी कम पड़ गई। बस के इंतजार में लोगों को डेढ़ से ढाई घंटे तक खड़ा रहना पड़ा, वहीं बस आते ही सीट पाने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कई यात्री गेट से जगह नहीं मिलने पर पीछे की खिड़कियों से बस के अंदर घुसने की कोशिश करते नजर आए। सामान्य दिनों में आनंद विहार बस अड्डे से करीब 80 हजार से एक लाख यात्री सफर करते हैं। रक्षाबंधन के चलते इस संख्या में अचानक बड़ा इजाफा हुआ। यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज ने करीब 400 अतिरिक्त बसें चलाईं। वहीं उत्तराखंड परिवहन निगम की रोजाना चलने वाली करीब 130 बसों के अलावा 30 अतिरिक्त बसें भी संचालित की गईं। इसके बावजूद बस अड्डे पर यात्रियों को राहत नहीं मिली और बस आते ही उसे भरने के लिए अफरातफरी मचती रही।
ढाई घंटे से कर रहा हूं बस का इंतजार :
बदायूं जाने के लिए अपनी पत्नी और एक साल के बच्चे के साथ पहुंचे ऋषिकेश ने बताया कि वह करीब ढाई घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस आते ही अंदर बैठने के लिए अफरातफरी मच गई। बस के रुकने से पहले ही लोग चढ़ने के लिए टूट पड़े और देखते ही देखते बस खचाखच भर गई, जिससे वह परिवार के साथ अंदर नहीं बैठ पाए। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आ रहा कि इतनी भीड़ के बीच घर कैसे पहुंचेंगे और परिवार के साथ त्योहार कैसे मना पाएंगे।
बस आते ही सीट के लिए मची होड़
हल्द्वानी जाने वाले हिमांशु अपनी मां, बहन और भाई के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बस का इंतजार करते रहे। उन्होंने बताया कि बसों की कमी के कारण यात्रियों में सीट पाने की होड़ मची हुई है। बस आते ही लोग धक्का-मुक्की के बीच अंदर घुसने की कोशिश करते हैं और कई यात्री खिड़कियों से भी चढ़ने का प्रयास करते हैं। ऐसे में सीटें तुरंत भर जाती हैं और परिवार के साथ आने वाले यात्रियों को बैठने की जगह नहीं मिल पाती। त्योहारी भीड़ के बीच यात्रियों की परेशानी का फायदा निजी बस संचालक भी उठाते नजर आए। सरकारी बसों में सीट न मिलने के कारण मजबूर यात्रियों से कुछ निजी बस वाले सामान्य किराये से कई गुना अधिक रकम मांग रहे थे।
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450 का सरकारी किराया, निजी बस वाले मांग रहे 1000 से 2000 : आनंद विहार से हल्द्वानी जाने वाली सरकारी रोडवेज बस का किराया करीब 450 रुपये है। वहीं भीड़ और बसों की कमी का फायदा उठाकर कुछ निजी बस संचालक सीट दिलाने के नाम पर यात्रियों से 1000 से 2000 रुपये तक मांगते नजर आए। घर पहुंचने की मजबूरी के कारण कई यात्री अधिक किराया देने को तैयार भी दिखे। यात्रियों का कहना था कि सरकारी बस के लिए घंटों इंतजार करने के बाद उनके सामने निजी बस से जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बच रहा था। उत्तराखंड परिवहन निगम के स्टेशन इंचार्ज नानूराम का कहना है कि प्राइवेट बसों को ऑनलाइन टिकट बुक यात्रियों को बिठाने की ही ऑथोरिटी है लेकिन सरकारी बसों में बढ़ती हुई भीड़ को देखकर ये यहां की सवारियों को भी बिठा रहें है और यात्रियों से दोगुना से भी ज्यादा किराया वसूल कर रहे है।
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-बस आते ही गेट पर भीड़ टूट पड़ी, जगह नहीं मिलने पर कई यात्रियों ने पीछे की खिड़कियों से बस के अंदर घुसकर सीट पाने की कोशिश
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले परिवहन विभाग की तैयारियां आनंद विहार बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ के सामने बेबस दिखीं। बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को करीब दोगुनी भीड़ उमड़ी और यात्रियों की संख्या दो लाख से अधिक पहुंचने का अनुमान लगा। यात्रियों की भारी संख्या के आगे अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी कम पड़ गई। बस के इंतजार में लोगों को डेढ़ से ढाई घंटे तक खड़ा रहना पड़ा, वहीं बस आते ही सीट पाने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कई यात्री गेट से जगह नहीं मिलने पर पीछे की खिड़कियों से बस के अंदर घुसने की कोशिश करते नजर आए। सामान्य दिनों में आनंद विहार बस अड्डे से करीब 80 हजार से एक लाख यात्री सफर करते हैं। रक्षाबंधन के चलते इस संख्या में अचानक बड़ा इजाफा हुआ। यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज ने करीब 400 अतिरिक्त बसें चलाईं। वहीं उत्तराखंड परिवहन निगम की रोजाना चलने वाली करीब 130 बसों के अलावा 30 अतिरिक्त बसें भी संचालित की गईं। इसके बावजूद बस अड्डे पर यात्रियों को राहत नहीं मिली और बस आते ही उसे भरने के लिए अफरातफरी मचती रही।
ढाई घंटे से कर रहा हूं बस का इंतजार :
बदायूं जाने के लिए अपनी पत्नी और एक साल के बच्चे के साथ पहुंचे ऋषिकेश ने बताया कि वह करीब ढाई घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस आते ही अंदर बैठने के लिए अफरातफरी मच गई। बस के रुकने से पहले ही लोग चढ़ने के लिए टूट पड़े और देखते ही देखते बस खचाखच भर गई, जिससे वह परिवार के साथ अंदर नहीं बैठ पाए। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आ रहा कि इतनी भीड़ के बीच घर कैसे पहुंचेंगे और परिवार के साथ त्योहार कैसे मना पाएंगे।
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बस आते ही सीट के लिए मची होड़
हल्द्वानी जाने वाले हिमांशु अपनी मां, बहन और भाई के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बस का इंतजार करते रहे। उन्होंने बताया कि बसों की कमी के कारण यात्रियों में सीट पाने की होड़ मची हुई है। बस आते ही लोग धक्का-मुक्की के बीच अंदर घुसने की कोशिश करते हैं और कई यात्री खिड़कियों से भी चढ़ने का प्रयास करते हैं। ऐसे में सीटें तुरंत भर जाती हैं और परिवार के साथ आने वाले यात्रियों को बैठने की जगह नहीं मिल पाती। त्योहारी भीड़ के बीच यात्रियों की परेशानी का फायदा निजी बस संचालक भी उठाते नजर आए। सरकारी बसों में सीट न मिलने के कारण मजबूर यात्रियों से कुछ निजी बस वाले सामान्य किराये से कई गुना अधिक रकम मांग रहे थे।
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450 का सरकारी किराया, निजी बस वाले मांग रहे 1000 से 2000 : आनंद विहार से हल्द्वानी जाने वाली सरकारी रोडवेज बस का किराया करीब 450 रुपये है। वहीं भीड़ और बसों की कमी का फायदा उठाकर कुछ निजी बस संचालक सीट दिलाने के नाम पर यात्रियों से 1000 से 2000 रुपये तक मांगते नजर आए। घर पहुंचने की मजबूरी के कारण कई यात्री अधिक किराया देने को तैयार भी दिखे। यात्रियों का कहना था कि सरकारी बस के लिए घंटों इंतजार करने के बाद उनके सामने निजी बस से जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बच रहा था। उत्तराखंड परिवहन निगम के स्टेशन इंचार्ज नानूराम का कहना है कि प्राइवेट बसों को ऑनलाइन टिकट बुक यात्रियों को बिठाने की ही ऑथोरिटी है लेकिन सरकारी बसों में बढ़ती हुई भीड़ को देखकर ये यहां की सवारियों को भी बिठा रहें है और यात्रियों से दोगुना से भी ज्यादा किराया वसूल कर रहे है।