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Delhi NCR News: इंजीनियर राशिद की अर्जी पर एनआईए को नोटिस जारी
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याचिका में राशिद ने संसद के सत्र में शामिल होने के लिए अंतरिम बेल मांगी थी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद की अर्जी पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने दिसंबर में होने वाले संसद के सत्र में शामिल होने के लिए अंतरिम बेल मांगी है। विशेष न्यायाधीश जज चंदर जीत सिंह ने एनआईए को नोटिस जारी किया और अर्जी पर जवाब मांगा। इंजीनियर राशिद टेरर फंडिंग मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
एनआई ने अक्तूबर 2019 में राशिद के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। मार्च, 2022 में एक विशेष एनआईए कोर्ट ने उनके और दूसरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी), 121 (भारत सरकार के खिलाफ जंग छेड़ना) और 124ए (देशद्रोह) के साथ-साथ आतंकवादी कामों और टेरर फंडिंग से जुड़े अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) के तहत आरोप तय किए।
कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई 21 नवंबर को तय की है। बारामूला के सांसद ने एक दिसंबर से शुरू होने वाले संसद सत्र में शामिल होने के लिए बिना किसी खर्च के अंतरिम बेल या कस्टडी पैरोल मांगी थी। यह याचिका सोमवार को दाखिल की गई थी। संसद सत्र में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल के खर्च में बदलाव की उनकी याचिका हाई कोर्ट में लंबित है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद की अर्जी पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने दिसंबर में होने वाले संसद के सत्र में शामिल होने के लिए अंतरिम बेल मांगी है। विशेष न्यायाधीश जज चंदर जीत सिंह ने एनआईए को नोटिस जारी किया और अर्जी पर जवाब मांगा। इंजीनियर राशिद टेरर फंडिंग मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
एनआई ने अक्तूबर 2019 में राशिद के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। मार्च, 2022 में एक विशेष एनआईए कोर्ट ने उनके और दूसरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी), 121 (भारत सरकार के खिलाफ जंग छेड़ना) और 124ए (देशद्रोह) के साथ-साथ आतंकवादी कामों और टेरर फंडिंग से जुड़े अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) के तहत आरोप तय किए।
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कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई 21 नवंबर को तय की है। बारामूला के सांसद ने एक दिसंबर से शुरू होने वाले संसद सत्र में शामिल होने के लिए बिना किसी खर्च के अंतरिम बेल या कस्टडी पैरोल मांगी थी। यह याचिका सोमवार को दाखिल की गई थी। संसद सत्र में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल के खर्च में बदलाव की उनकी याचिका हाई कोर्ट में लंबित है।
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