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नार्दर्न पेरीफेरल रोड पर ब्रेक
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 01 Jun 2014 02:07 PM IST
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डासना से लोनी तक प्रस्तावित नार्दर्न पेरीफेरल रोड के निर्माण में फिलहाल ब्रेक लग गया है। दरअसल नई भूमि अधिग्रहण की नीति के लागू होते ही रोड निर्माण के लिए जमीन जुटाना जीडीए के लिए खासी मुश्किल भरा काम हो गया है।
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रोड निर्माण के लिए जरूरी 200 एकड़ जमीन जीडीए को किसानों से बाजार भाव से दोगुनी कीमत पर खरीदनी होगी। इससे रोड निर्माण की लागत में 600 करोड़ रुपये का इजाफा हो गया है। ऐसे में जीडीए ने इसे पीपीपी मोड पर बनवाने की जगह अपने स्तर पर निर्माण की संभावनाओं की तलाश शुरू कर दी है।
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एनएच-24, एनएच-58 के जरिए दिल्ली आवागमन करने वाले वाहनों को शहर बाहर से गुजारने के लिए जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना की परिधि पर करीब 20 किलोमीटर लंबी पेरीफेरल रोड का निर्माण प्रस्तावित है। रोड पीपीपी मॉडल के अंतर्गत बनाई जानी है। रोड निर्माण के लिए 13 कंपनियों ने इच्छा जताई थी।
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कंपनियों को निर्माण के लिए करीब 500 करोड़ का निवेश करना था, जिसके बदले उन्हें टोल वसूलने का अधिकार मिलता।
जीडीए उपाध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि नई नीति के बाद किसानों को बाजार भाव का दोगुना मुआवजा देना है। ऐसे में एनपीआर की लागत में बढ़ोतरी होगी। जमीन के लिए प्राधिकरण को करीब 800 करोड़ का निवेश करना पड़ेगा।