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दिल्ली में किया जा रहा नॉन इन्वेंसिव टेस्टिंग कोविड टेस्ट, ट्रायल सफल रहा तो 30 सेकेंड में मिल सकेंगे परिणाम
Tue, 04 Aug 2020 01:13 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 04 Aug 2020 01:13 AM IST
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कोरोना वायरस टेस्ट करते स्वास्थ्यकर्मी
- फोटो : pti
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दिल्ली में नॉन इन्वेंसिव टेस्टिंग कोविड जांच की जा रही है। इसके जरिए चार दिन में पांच हजार लोगों की जांच की जा चुकी है। रैपिड टेस्टिंग किट के जरिए यह जांच की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 2 महीन में इसके परिणाम आ जाएंगे। अगर ट्रायल सफल रहा तो इन टेस्टिंग किट से महज 30 सेकेंड में कोरोना की जांच रिपोर्ट मिल सकेगी।
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आरएमएल अस्पताल में इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी और प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर दीपक बताते हैं कि कोरोना जांच की यह तकनीक इजरायल में विकसित की गई है। भारत और इजरायल साथ मिलकर इस किट पर काम कर रहे हैं। राजधानी में पहले आरएमएल अस्पताल में इसका परीक्षण शुरू किया गया था। अब इसमें लोकनायक, सर गंगाराम और लेडी हार्डिंग अस्पताल भी शामिल हो गए हैं। चारों जगहों पर मिलकार कुल 10 हजार लोगों के नमूने लिए जाने हैं। अब तक पांच हजार लोगों का परीक्षण किया जा चुका है। इसमें एक हजार आरएमएल से और बाकी इन तीनों अस्पतालों से हुए हैं। लोग स्वेच्छा से वालंटियर बनके इसके ट्रायल में शामिल हो रहे हैं।
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जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी नमूने लैब में भेजे जा रहे हैं। उम्मीद है कि अगले 10 दिनों में बाकी पांच हजार लोगों का भी परीक्षण कर लिया जाएगा। भारत जैसे बड़े देश के लिए अगर ऐसी जांच किट विकसित हो जाती है तो यह काफी अच्छा होगा। वैक्सीन आने तक जल्द से जल्द लोगों की जांच करने में सहायता मिलेगी।
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डॉ. दीपक ने कहा कि जब सभी नमूने ले लिए जाएंगे। उसके बाद करीब एक महीने में इनकी जांच रिपोर्ट आएगी। अगर परीक्षण सफल रहा तो कोरोना जांच की एक ऐसी प्रणाली विकसित हो जाएगी। जिससे महज 30 सेकेंड में ही परिणाम मिल सकेंगे। शनिवार को इजरायली राजदूत रोन माल्का ने आरएमएल अस्पताल में बनाए गए विशेष परीक्षण स्थल का दौरा किया था। जहां उन्होंने कोविड जांच के लिए किए जा रहे परीक्षण का निरीक्षण किया था।
इन चार तरीकों से किया जा रहा है परीक्षण
1. पहली जांच सांस विश्लेषक होगी।
2. व्यक्ति के लार के नमूने से जांच
3. आवाज से परीक्षण किया जा रहा है। इससे किसी की आवाज के नमूने से ही पता चल सकेगा की व्यक्ति संक्रमित है या नहीं
4. यह सामान्य आरटी-पीसीआर जांच प्रक्रिया की तरह होगा।